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सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं: मधेपुरा डीएम ने ग्वालपाड़ा में किया निरीक्षण, बाढ़ आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
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मधेपुरा जिले में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। शनिवार को जिला पदाधिकारी ने ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत रेशना स्थित बाढ़ आश्रय स्थल एवं पावर ग्रिड सुखासन के समीप अवस्थित सरकारी भूमि का स्थल निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भूमि की वर्तमान स्थिति, सीमांकन एवं संभावित अतिक्रमण की स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने ऐसे मामलों की पहचान कर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण किया जा सके।
रेशना स्थित बाढ़ आश्रय स्थल का भी निरीक्षण करते हुए डीएम ने वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और उपयोगिता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में आश्रय स्थल को पूरी तरह क्रियाशील एवं सुव्यवस्थित रखा जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सुरक्षित आश्रय मिल सके।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने सरकारी संपत्तियों की नियमित निगरानी करने तथा जनहित में उनके प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सरकारी संसाधनों के संरक्षण और बेहतर उपयोग के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।