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Thursday, April 9, 2026

बिहार के सरकारी अस्पताल का गजब हाल! दारोगा जी के टूटे पैर पर प्लास्टर की जगह बांध दिया गत्ता,DM ने दिए जांच के आदेश

बिहार के शिवहर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक दारोगा का पैर टूट गया तो अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचे. इस दौरान उनके पैर में कार्टून (गत्ता) बांध दिया गया, जबकि आम तौर पर प्लास्टर लगाया जाता है.इसका वीडियो सामने आने के बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि जब दारोगा के इलाज में इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है तो आम लोग का इलाज कैसे होता होगा? एक डॉक्टर ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया की पहले ऐसा कुछ होता था, अब तो प्लेट बांधी जाती है.

जानकारी के मुताबिक, सड़क हादसे में श्यामपुर भटहा थाना के दरोगा श्यामलाल की सड़क हादसे में पैर पूरी तरह से टूट गया था. इसके बाद, उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के तरीके को देख लोग दंग रह गए. दारोगा के टूटे पैर को स्थिर करने के लिए अस्पताल में उपलब्ध मानक संसाधनों के बजाय कार्टून और पानी वाले प्लास्टिक पाइप से पैर को बांध दिया. इस तरह के जुगाड़ से किए जा रहे इलाज को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. वहीं अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दारोगा के टूटे पैर में बांधा कार्टून

दरअसल, एनएच-227 पर फतेहपुर के पास हुए सड़क हादसे में घायल दरोगा श्यामलाल के इलाज को लेकर सदर अस्पताल की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. गंभीर रूप से घायल दरोगा को इलाज के लिए सरोजा सीताराम सदर अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के तरीके को लेकर विवाद खड़ा हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरोगा के टूटे पैर को स्थिर करने के लिए अस्पताल में उपलब्ध मानक संसाधनों के बजाय कार्टून और पानी चढ़ाने वाले पाइप का सहारा लिया गया। इस तरह के जुगाड़ से किए जा रहे इलाज को देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए.

डीएम ने दिए जांच के आदेश

वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए शिवहर की जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. डीएम ने सिविल सर्जन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी में बताया गया है कि हड्डी टूटने के कारण सहारा देने के लिए यह व्यवस्था की गई थी, लेकिन फिर भी पूरे मामले की जांच होगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.