सुपौल डीएम की बड़ी कार्रवाई: हड़ताल, लापरवाही और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर दो राजस्व कर्मचारी निलंबित
सुपौल: जिले में प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी सावन कुमार ने सख्त कदम उठाते हुए दो राजस्व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मचारियों में मरौना अंचल कार्यालय के रंजीत कुमार तथा त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय के अजय कुमार शामिल हैं।
दोनों कर्मचारियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, हड़ताल एवं सामूहिक अवकाश में शामिल होने तथा विभिन्न महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों की उपेक्षा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा में बाधा पहुंचाने का आरोप
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, दोनों कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल होकर माननीय मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न की। साथ ही मार्च माह के राजस्व संग्रहण लक्ष्य को भी प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
राजस्व महाअभियान और जनगणना कार्य में लापरवाही
बताया गया है कि राजस्व महाअभियान के तहत प्राप्त आवेदनों के समय पर निष्पादन में दोनों कर्मचारियों ने लापरवाही बरती। इसके अलावा भारत की जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अनुपस्थित रहकर प्रशासनिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने का भी आरोप है।
आवश्यक कार्यों में बरती कोताही
जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों कर्मियों ने मुख्य सचिव, बिहार के निर्देशानुसार आयोजित साप्ताहिक बैठकों में असहयोग किया। दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा प्रमाण-पत्र निर्गत करने जैसे आवश्यक राजस्व कार्यों में भी कोताही बरती गई।
इतना ही नहीं, अन्य कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाने का आरोप भी दोनों पर दर्ज किया गया है।
17 सूत्री मांगों पर सहमति के बाद भी नहीं लौटे काम पर
प्रशासन ने बताया कि 8 अप्रैल 2026 को प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार पटना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों पर सहमति बन गई थी। इसके बावजूद दोनों कर्मचारी कार्य पर वापस नहीं लौटे, जिसे उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना और अनुशासनहीनता माना गया।
आचार नियमावली उल्लंघन का आरोप
दोनों कर्मचारियों के कृत्य को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1)(i) एवं (ii) का उल्लंघन माना गया है। इन नियमों के तहत सरकारी कर्मियों से कर्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है।
निलंबन अवधि में मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1)(क) के तहत दोनों को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
रंजीत कुमार का मुख्यालय भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, वीरपुर तथा अजय कुमार का मुख्यालय भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, निर्मली निर्धारित किया गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को अनुशासन कायम रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे अन्य कर्मियों में भी जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश गया है।