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Tuesday, April 7, 2026

सहरसा में कृषि टास्क फोर्स की बैठक, उर्वरक आपूर्ति, योजनाओं की समीक्षा और लापरवाह अफसर पर DM ने दिया कार्रवाई के निर्देश

हेडलाइन:
सहरसा में कृषि टास्क फोर्स की बैठक, उर्वरक आपूर्ति, योजनाओं की समीक्षा और लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

खबर:
सहरसा में मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, पशुपालन, सिंचाई, उद्यान, उद्योग समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई और कई अहम निर्देश दिए गए।

मूंग की खेती और उर्वरक की उपलब्धता पर चर्चा
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि गरमा मौसम में जिले में लगभग 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की खेती होती है। किसान गेहूं की कटाई के बाद मूंग की बुवाई कर उसे हरी खाद के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है—जिसमें यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी के हजारों बैग स्टॉक में मौजूद हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि उर्वरक के भंडारण, वितरण और बिक्री की नियमित जांच की जाए तथा किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

उद्यान, आत्मा और अन्य विभागों की उपलब्धियां
जिला उद्यान विभाग, आत्मा (ATMA), गव्य विकास, ईख विकास और कृषि अभियंत्रण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने-अपने लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि की जानकारी दी, जबकि 2026-27 के लक्ष्य अभी प्राप्त नहीं हुए हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बांध के अंदर स्थित गांवों में हर बुधवार को कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए और किसानों को उद्यानिक फसलों का प्रशिक्षण दिया जाए।

प्रशिक्षण और बीज उत्पादन पर जोर
कृषि विज्ञान केंद्र, अगवानपुर के प्रतिनिधि ने बताया कि 7 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए 223 किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। केंद्र में गेहूं, सरसों, तीसी और आलू के बीज उत्पादन का कार्य भी किया जा रहा है।

वर्षा, सिंचाई और बिजली की स्थिति
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि सभी प्रखंडों में वर्षामापी यंत्र कार्यरत हैं और 1 से 4 अप्रैल तक औसत वर्षा 8.30 मिमी दर्ज की गई है।
सिंचाई विभाग ने जानकारी दी कि मुख्य नहर से बालू हटाने का कार्य चल रहा है, जिसके पूरा होने के बाद अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा।
वहीं, विद्युत विभाग ने बताया कि कृषि कनेक्शन के लक्ष्य के मुकाबले 7604 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

पशुपालन और उद्योग विभाग की रिपोर्ट
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि टीकाकरण और ईयर टैगिंग के लक्ष्यों के मुकाबले अधिकांश उपलब्धि हासिल कर ली गई है तथा बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।
उद्योग विभाग ने बताया कि PMFME योजना के तहत 157 लक्ष्य के मुकाबले 88 आवेदन ही स्वीकृत हुए हैं।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
बैठक में लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन स्थगित करते हुए स्पष्टीकरण मांगा।
साथ ही, पौधा संरक्षण एवं कृषि विपणन विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिवेदन नहीं देने पर भी उनसे जवाब तलब किया गया।
मंडन भारती कृषि महाविद्यालय, अगवानपुर के प्राचार्य के अनुपस्थित रहने पर भी नाराजगी जताते हुए अगली बैठक में स्वयं उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।

अतिरिक्त निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले की जलवायु के अनुसार गेहूं, धान और मक्का के अलावा अन्य लाभकारी फसलों पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे और कृषि विकास को गति देने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।