Bihar : पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के चलते भारत सहित बिहार में भी गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने आपातकालीन कदम उठाते हुए, राशन कार्डधारकों को कोयला उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
गैस सिलेंडर की सप्लाई में आई कमी ने राज्य सरकार को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। राज्य के सचिव अभय कुमार सिंह ने इस संबंध में परिवहन विभाग, पटना के साथ-साथ सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
बिहार में राशन की दुकानों पर मिलेगा कोयला
बिहार सरकार ने मंगलवार को आदेश जारी किया है कि राशन कार्ड धारकों को प्रति माह एक क्विंटल यानी 100 किलोग्राम कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है, जिनके पास राशन कार्ड है। बिना राशन कार्ड वाले परिवारों के लिए अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
कोयले की आपूर्ति के लिए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन कानून-2005 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का हवाला दिया है। कोयले का वितरण को सुनिश्चित बनाने के लिए कोल हेड से घरों तक कोयले की सप्लाई की पूरी योजना तैयार कर ली गई है।
कोयले की आपूर्ति की जिम्मेदारी बिहार राज्य खनन विभाग लिमिटेड (BSMCL) और बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSMCL) पर होगी।
थोक विक्रेता के माध्यम से कोयले का जिला मुख्यालय तक पहुंचाना। जिला स्तर पर थोक विक्रेताओं का चयन और रजिस्ट्रेशन। बीएसएमसीएल को कोयले की मांग करना और जिले के थोक विक्रेताओं के माध्यम से सप्लाई सुनिश्चित करना। इस पूरे प्रक्रिया में थोक विक्रेता से 3 प्रतिशत हैंडलिंग चार्ज लिया जाएगा और बीएसएमसीएल को 2 प्रतिशत मार्जिन मनी देनी होगी।
यह कार्य जिला टास्क फोर्स की निगरानी में किया जाएगा, जिसमें परिवहन विभाग की भूमिका प्रमुख होगी। टास्क फोर्स ही कोयले की लागत, वितरण और भाड़े का निर्धारण करेगी। विभाग ने संबंधित पत्र प्राप्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला स्तर पर कोयले की खरीद-बिक्री, वितरण और प्रबंधन की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।