अररिया में 2788 आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच, 34 सेविकाओं पर जुर्माना, 2 सहायिकाओं की चयनमुक्ति की कार्रवाई
अररिया। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यापक जांच के बाद कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जिलाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर पूरे जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 2788 आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच कराई गई।
जांच के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर 34 आंगनबाड़ी सेविकाओं पर पोषाहार राशि की भरपाई का दंडात्मक निर्देश दिया गया है, जबकि 2 सहायिकाओं की चयनमुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से आंगनबाड़ी व्यवस्था में हड़कंप मच गया है।
जिलेभर में एक साथ चला विशेष निरीक्षण अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से यह जांच अभियान जिले के 211 पंचायतों, 3 नगर पंचायतों और 3 नगर परिषद क्षेत्रों में एक साथ चलाया गया। इन सभी क्षेत्रों में स्थित कुल 2788 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सुविधाओं की सही आपूर्ति सुनिश्चित करना था।
इन बिंदुओं पर हुई गहन जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की। इनमें शामिल रहे—
- केंद्रों का नियमित संचालन
- सेविका एवं सहायिका की उपस्थिति
- 3 से 6 वर्ष के बच्चों की उपस्थिति
- टेक होम राशन (THR) का FRS के माध्यम से वितरण
- पोषाहार मेनू का प्रदर्शन
- केंद्र भवन की स्थिति
- बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता
- साफ-सफाई की व्यवस्था
इसके अलावा अधिकारियों ने लाभुकों से बातचीत कर भी जमीनी स्थिति की जानकारी ली।
34 सेविकाओं पर आर्थिक दंड
जांच के दौरान कई केंद्रों पर पोषाहार वितरण और संचालन में अनियमितताएं सामने आईं। इसके आधार पर कुल 34 आंगनबाड़ी सेविकाओं से पोषाहार राशि की भरपाई करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि लाभुकों के लिए आने वाली राशि और पोषण सामग्री में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी गंभीर मामला है, इसलिए जिम्मेदार कर्मियों पर आर्थिक दंड लगाया गया है।
2 सहायिकाओं की चयनमुक्ति प्रक्रिया शुरू
निरीक्षण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर 2 सहायिकाओं की चयनमुक्ति की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मियों ने अपने दायित्वों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इस कार्रवाई को जिले में अनुशासनात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
कोई केंद्र बंद नहीं रहेगा : डीएम
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले का कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद नहीं रहना चाहिए। सभी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों और लाभुकों तक हर हाल में सुविधाएं पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य से सीधे जुड़े हैं, इसलिए इनमें लापरवाही गंभीर मानी जाएगी।
अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
डीएम ने चेतावनी दी है कि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर केवल सेविका-सहायिका ही नहीं, बल्कि संबंधित महिला पर्यवेक्षिका और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे साफ है कि प्रशासन जवाबदेही तय करने के मूड में है और निगरानी व्यवस्था को नीचे से ऊपर तक मजबूत किया जा रहा है।
लाभुकों तक सुविधा पहुंचाने पर जोर
प्रशासन ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलती हैं। इसलिए जरूरी है कि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक समय पर पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कोई भी पात्र लाभुक वंचित न रहे।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह अभियान एक बार की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग स्तर पर जांच जारी रहेगी और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक बेहतर तरीके से पहुंचेगा।