मुंगेर में हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा, 15 पिस्टल और 30 मैगजीन के साथ दो गिरफ्तार
मुंगेर। जिले में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बरियारपुर थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 15 निर्मित पिस्टल, 30 मैगजीन और एक पियाजियो मालवाहक ऑटो के साथ दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई बुधवार दोपहर मुंगेर-बरियारपुर एनएच-80 स्थित कोदरकट्टा पुल के पास की गई। पुलिस अब पूरे गिरोह और इसके नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
कोदरकट्टा पुल के पास होने वाली थी डील
मामले का खुलासा करते हुए सदर डीएसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि बरियारपुर थानाध्यक्ष अमरेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि एनएच-80 पर कोदरकट्टा पुल के पास कुछ हथियार तस्कर जमा हुए हैं और अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री करने वाले हैं।
सूचना मिलने के बाद पहले इसका सत्यापन कराया गया। सूचना सही पाए जाने पर इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद को दी गई।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने तत्काल डीएसपी अभिषेक आनंद के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की।
टीम में बरियारपुर थानाध्यक्ष अमरेश कुमार, जिला आसूचना इकाई और सशस्त्र बल के जवानों को शामिल किया गया। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस देखते ही भागने लगे आरोपी
पुलिस टीम जब कोदरकट्टा पुल के पास पहुंची तो वहां लाल रंग की खड़ी पियाजियो टेम्पो के पास दो व्यक्ति बातचीत करते दिखाई दिए।
अचानक पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन जवानों ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया।
बैग से निकले 15 पिस्टल और 30 मैगजीन
दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर तलाशी ली गई। इसके बाद सड़क किनारे खड़े वाहन की जांच की गई।
तलाशी के दौरान एक बैग से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस ने 15 निर्मित पिस्टल और 30 मैगजीन जब्त की। इतनी बड़ी खेप मिलने से पुलिस भी सतर्क हो गई है।
भागलपुर और मुंगेर के रहने वाले हैं आरोपी
पूछताछ में एक आरोपी ने अपना नाम राजकुमार यादव बताया, जो भागलपुर जिले के मुरारपुर रामचंद्रपुर नवटोलिया का निवासी है।
दूसरे आरोपी ने अपना नाम बादरुद्दीन बताया, जो मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरदह गांव का रहने वाला है।
पैसों की डील होने वाली थी
पूछताछ में राजकुमार यादव ने बताया कि वह बरियारपुर में बादरुद्दीन को हथियार देने आया था, जहां पैसों की डील होनी थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भागलपुर कनेक्शन की जांच
अधिकारियों ने बताया कि हथियार भागलपुर जिले से लाए गए थे। इसलिए अंतरजिला नेटवर्क की जांच की जा रही है।
यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी बड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क से है। जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
दोनों आरोपी भेजे गए जेल
पूछताछ के बाद गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
हथियार कारोबार पर शिकंजा
मुंगेर पहले भी अवैध हथियार निर्माण और तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में पुलिस लगातार अभियान चलाकर इस नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है। अधिकारियों ने कहा कि जिले में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।