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Monday, April 20, 2026

BIHAR:निलंबित SDPO गौतम पर शिकंजा: EOU जांच में पांचवीं महिला मित्र समेत करोड़ों की काली कमाई का खुलासा

किशनगंज के निलंबित SDPO गौतम पर शिकंजा: EOU जांच में पांचवीं महिला मित्र समेत करोड़ों की काली कमाई का खुलासा

पटना | रिपोर्ट

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के कथित काले कारनामों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जांच में अब तक करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति के साथ उनकी पांचवीं महिला मित्र का भी पता चला है। बताया जा रहा है कि वह पटना के कुर्जी इलाके की रहने वाली है।

कुर्जी में छापेमारी, महिला फरार

सूत्रों के अनुसार EOU ने पटना के कुर्जी स्थित महिला के ठिकाने पर छापेमारी की, लेकिन वह मौके से फरार हो गई। जांच एजेंसी को वहां से कुछ अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि गौतम कुमार ने अपने एक करीबी रिश्तेदार को भी प्रेमजाल में फंसाया था, जो बैंककर्मी है और सिलीगुड़ी में पदस्थापित है।

महिला मित्रों की संख्या बढ़कर पांच

जांच में अब तक पांच महिला मित्रों की जानकारी सामने आई है—

  • पहली: पूर्णिया निवासी, जिसके नाम पर जमीन खरीदी गई।
  • दूसरी: पूर्णिया की घरेलू सहायिका, जिसे थार वाहन दिया गया था।
  • तीसरी: एक पुलिसकर्मी, जिसके लिए दो मंजिला मकान और स्कॉर्पियो खरीदी गई।
  • चौथी: रिश्तेदार बैंककर्मी, सिलीगुड़ी में पोस्टेड।
  • पांचवीं: पटना के कुर्जी की महिला, जिसके यहां छापेमारी हुई।

दो करीबी राजदार भी रडार पर

निलंबित नगर थानेदार अभिषेक कुमार रंजन

जांच में किशनगंज के निलंबित नगर थानेदार अभिषेक कुमार रंजन का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने मिलकर अवैध कमाई की। EOU ने 13 अप्रैल को उसके ठिकानों पर भी छापेमारी की थी।

होटल संचालक पर भी नजर

रामपुर चेकपोस्ट (बंगाल सीमा) के पास होटल चलाने वाला एक व्यक्ति भी जांच के घेरे में है। आरोप है कि तस्करों और माफियाओं से वसूली का पैसा यहीं पहुंचाया जाता था।

सीमा सुरक्षा रिपोर्ट से खुला मामला

सूत्रों के अनुसार किशनगंज जिले में जाली नोट, शराब तस्करी, हथियार बरामदगी, नारकोटिक्स और पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का रिकॉर्ड बेहद कमजोर पाया गया था। रिपोर्ट में कई मामलों में कार्रवाई शून्य बताई गई थी, जिसके बाद गौतम कुमार जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए।

31 मार्च को छह ठिकानों पर छापा

EOU ने 31 मार्च को गौतम कुमार के छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसी अब किशनगंज और पूर्णिया के अन्य अधिकारियों की भूमिका भी खंगाल रही है।