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Friday, April 17, 2026

BIHAR NEWS:किशनगंज सदर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन निलंबित, आय से अधिक संपत्ति जांच के बाद बड़ी कार्रवाई

किशनगंज सदर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन निलंबित, आय से अधिक संपत्ति जांच के बाद बड़ी कार्रवाई

किशनगंज। सदर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूर्णिया रेंज के आईजी विवेकानंद ने यह कार्रवाई करते हुए उनका मुख्यालय अररिया पुलिस केंद्र निर्धारित किया है।

यह कार्रवाई आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में की जा रही जांच के बाद हुई है। मामले को लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

एसडीपीओ मामले की जांच में सामने आया नाम

जानकारी के अनुसार, निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ दर्ज मामले की जांच के दौरान अभिषेक कुमार रंजन का नाम सामने आया था। ईओयू की प्रारंभिक जांच में उन्हें गौतम कुमार का करीबी बताया गया है।

जांच एजेंसी को संकेत मिले हैं कि रंजन का स्थानीय बालू, एंट्री, शराब और तस्करी से जुड़े नेटवर्क से कथित संबंध रहा है। आरोप है कि संरक्षण देने के बदले नियमित रूप से कमीशन लिया जाता था।

जमीन, मकान और फ्लैट में निवेश का आरोप

ईओयू को कांटी, पश्चिम बंगाल और दिल्ली-एनसीआर सहित कई स्थानों पर संपत्तियों की जानकारी मिली है। इनमें सिलीगुड़ी स्थित एक फ्लैट और दार्जिलिंग रोड पर खरीदी गई जमीन भी शामिल बताई जा रही है।

इन संपत्तियों के भुगतान के स्रोतों की जांच की जा रही है और अलग-अलग टीमों द्वारा उनका सत्यापन कराया जा रहा है।

ससुराल तक पहुंची जांच टीम

जांच के दौरान ईओयू की टीम पश्चिम चंपारण जिले के सिकटा स्थित रंजन के ससुराल भी पहुंची थी। हालांकि, छापेमारी की भनक लगने के कारण वहां से कोई विशेष बरामदगी नहीं हो सकी।

115 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप

जांच में अब तक एक समान पैटर्न सामने आया है, जिसमें पहले एसडीपीओ गौतम कुमार और अब पूर्व थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन का नाम कथित भ्रष्टाचार से जुड़ रहा है।

अभिषेक कुमार रंजन पर सेवा काल के दौरान ज्ञात आय से लगभग 115 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

नकदी और आभूषण नहीं मिलने की चर्चा

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद नकदी, सोना या चांदी की बरामदगी नहीं हुई है। ईओयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी किसी नकदी या आभूषण का उल्लेख नहीं किया गया है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। विभिन्न राज्यों में फैली संपत्तियों के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।