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सहरसा में हैवानियत: भट्ठा मालिक ने मां-बेटी से दुष्कर्म की कोशिश की, विरोध पर महिला को मारी गोली; दो आरोपी गिरफ्तार
सहरसा:
बिहार के सहरसा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाली महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ भट्ठा मालिक द्वारा दुष्कर्म की कोशिश की गई। जब महिला ने अपनी और बेटी की अस्मत बचाने के लिए विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जबकि बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सदर थाना पुलिस को रविवार दोपहर सूचना मिली कि भट्ठा मालिक अपने ही परिसर में मजदूर की पत्नी और उसकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती अश्लील हरकतें कर रहा है। सूचना पर वरीय पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मो. आवेश करनी उर्फ चुन्नू मुखिया और उसके मुंशी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
मौके से एयर गन बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से एक एयर गन भी बरामद की है। घटना स्थल पर एफएसएल और जिला सूचना इकाई की टीम ने पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पहले भी करता रहा है छेड़खानी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी भट्ठा मालिक पहले भी वहां काम करने वाली कई महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी कर चुका है। इस कारण इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
दो अलग-अलग FIR दर्ज
घायल महिला के पति और पीड़ित नाबालिग के बयान के आधार पर सदर थाना और महिला थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
पुराना अपराधी है मुख्य आरोपी
गिरफ्तार भट्ठा मालिक चुन्नू मुखिया इलाके का कुख्यात अपराधी बताया जा रहा है। सहरसा, बिहरा और सौरबाजार थानों में उसके खिलाफ करीब 33 संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 1995 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय इस आरोपी पर हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर आरोप पहले से दर्ज हैं।
पुलिस का सख्त संदेश
सहरसा पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।