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कटिहार में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: CA, बैंक मैनेजर समेत 6 गिरफ्तार, 2.20 करोड़ के अवैध लेनदेन का पर्दाफाश
कटिहार। साइबर थाना कटिहार पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार टू’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों के जरिए चल रहे साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और एक निजी बैंक मैनेजर सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
साइबर डीएसपी राम कृष्णा ने गुरुवार देर शाम प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस ने जांच के दौरान 26 ऐसे बैंक खातों की पहचान की, जिनका उपयोग साइबर अपराधी ठगी की रकम ट्रांसफर और छुपाने के लिए कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोग अपने बैंक खाते अपराधियों को उपलब्ध करा देते थे।
पहली घटना 9 मार्च की है, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट निशांत अग्रवाल के खाते से करीब 50.69 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने खाते की जानकारी साइबर अपराधियों को दी थी। मामले में निशांत अग्रवाल और उनके सहयोगी रविशंकर रवि के खिलाफ कांड संख्या 12/26 दर्ज कर 10 मार्च को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने अपनी संलिप्तता छिपाने के लिए चेकबुक, मोबाइल और मुहर खोने की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
दूसरी घटना 18 मार्च की है, जिसमें एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। इस मामले में खाताधारक कैलाश प्रसाद साह, रिंटू कुमार, राजेश कुमार मिश्रा और आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर कौशल कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, बैंक मैनेजर की मिलीभगत से खाताधारक के खाते में करीब 1.70 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन किया गया।
साइबर डीएसपी ने बताया कि दोनों मामलों को मिलाकर अब तक 2 करोड़ 20 लाख 69 हजार रुपये के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है। सभी आरोपियों ने अपनी संलिप्तता छिपाने के लिए फर्जी सनहा दर्ज कराए थे।
पुलिस टीम में निरीक्षक विमल कुमार मंडल, अवर निरीक्षक श्वेता कुमारी, बबली कुमारी, ललन कुमार, नितिश कुमार और मोहन कुमार शामिल रहे। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।