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Monday, March 9, 2026

BIHAR:ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती का चयन फर्जी, 301वां रैंक यूपी की आकांक्षा सिंह का; UPSC ने दी जानकारी

ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती का UPSC में नहीं हुआ चयन: 301वां रैंक यूपी की आकांक्षा सिंह का, आयोग ने किया स्पष्ट

आरा (भोजपुर)। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश की दो उम्मीदवारों के बीच 301वीं रैंक को लेकर पैदा हुआ भ्रम अब खत्म हो गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने साफ कर दिया है कि 301वां रैंक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह का है। इस तरह भोजपुर की आकांक्षा सिंह के चयन का दावा गलत साबित हुआ है।

दरअसल, 6 मार्च को UPSC का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद ऑल इंडिया रैंक 301 को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए थे। बिहार में रणवीर सेना प्रमुख रहे ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह ने भी 301वीं रैंक होने का दावा किया था। उनके द्वारा बताए गए रोल नंबर 0856794 के आधार पर यह दावा किया गया था, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई थी।

हालांकि, मामले के स्पष्ट होने के बाद आयोग ने बताया कि 301वीं रैंक यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा सिंह की है। उन्होंने इसी रोल नंबर से परीक्षा के सभी चरण—मेंस और इंटरव्यू—दिए थे।

पिता ने मांगी माफी

रिजल्ट साफ होने के बाद भोजपुर की आकांक्षा के पिता कुमार इंदू भूषण सिंह ने स्वीकार किया कि उनकी बेटी का दावा गलत था। उन्होंने कहा कि UPSC ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और 301वीं रैंक गाजीपुर की आकांक्षा सिंह को मिली है। उन्होंने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।

इंदू भूषण सिंह ने कहा कि उन्हें न तो UPSC से कोई विवाद करना है और न ही दूसरी उम्मीदवार से। उन्होंने अपनी बेटी के दावे के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि संभव है कि उनकी बेटी ने उन्हें सही जानकारी नहीं दी हो। अब उन्होंने बेटी से कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है और अगली बार मेहनत कर अफसर बनकर दिखाए।

एडमिट कार्ड में गड़बड़ी से बढ़ा भ्रम

मामले की पड़ताल में सामने आया कि दोनों उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड में रोल नंबर को लेकर गड़बड़ी थी। यूपी की आकांक्षा सिंह के इंटरव्यू कॉल लेटर पर रोल नंबर 0856794 दर्ज था और QR कोड स्कैन करने पर भी यही नंबर सामने आया।

वहीं भोजपुर की आकांक्षा के प्रीलिम्स एडमिट कार्ड पर भी यही रोल नंबर लिखा था, लेकिन QR कोड स्कैन करने पर अलग रोल नंबर दिखाई दे रहा था। इसी वजह से पूरे मामले में भ्रम की स्थिति बन गई।

यूपी की आकांक्षा ने कहा—अब कोई कन्फ्यूजन नहीं

गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने कहा कि उन्होंने इसी रोल नंबर से अगस्त 2025 में मेंस परीक्षा और 4 फरवरी 2026 को इंटरव्यू दिया था। उनके अनुसार UPSC की वेबसाइट पर भी सब कुछ स्पष्ट है और अब किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह है तो उनके एडमिट कार्ड या रोल नंबर से इसकी जांच कर सकता है।

आकांक्षा ने पटना AIIMS से MBBS और MS की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की।

भोजपुर की आकांक्षा ने पहले कहा था—UPSC की गलती

भोजपुर जिले के अगिआंव प्रखंड के खोपीरा गांव की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने पहले दावा किया था कि यह गलती उनकी नहीं बल्कि UPSC की है। उनका परिवार फिलहाल आरा शहर के कतीरा मोहल्ले में रहता है। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई है।

उन्होंने 2017 में मैट्रिक में करीब 80 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद 2019 में इंटरमीडिएट (विज्ञान) में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वर्ष 2022 में उन्होंने अंग्रेजी विषय से ग्रेजुएशन किया, जिसमें उन्हें 64 प्रतिशत अंक मिले।

UPSC ने जारी किया फाइनल रिजल्ट

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल रिजल्ट में कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें 180 उम्मीदवारों को IAS, 150 को IPS और 55 को IFS सेवा के लिए चुना गया है। इस परीक्षा में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है।