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सुपौल में BCO प्रदीप कुमार निलंबित: धान खरीद और पैक्स कार्यों में गंभीर लापरवाही, DM के एक्शन प्लान पर विभाग की कार्रवाई
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सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड में सहकारिता विभाग ने वरीय सहकारिता प्रसार पदाधिकारी (BCO) प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया है। उन पर धान खरीद और पैक्स से जुड़े कार्यों में गंभीर अनियमितता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना का आरोप है। यह कार्रवाई डीएम सावन कुमार के एक्शन प्लान के तहत की गई है।
निलंबन का आदेश निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार पटना के कार्यालय से संयुक्त निबंधक (साख) समरेश कुमार द्वारा जारी किया गया। जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधक, सहयोग समितियां सुपौल की रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि राजेश्वरी पश्चिम पैक्स और धीबहा पैक्स से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरती गई और भ्रामक सूचना दी गई। पैक्स अध्यक्ष और प्रबंधक के पारिवारिक संबंध को भी स्पष्ट नहीं किया गया, जिससे वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश का आरोप लगा।
इसके अलावा धान खरीद प्रक्रिया में किसानों के भूमि दस्तावेज, लगान रसीद और अन्य कागजातों का शत-प्रतिशत मिलान नहीं किया गया। इससे वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई है। इस मामले में मांगा गया स्पष्टीकरण भी विभाग को संतोषजनक नहीं मिला।
जांच में चरणे पैक्स में निर्माणाधीन 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम के निर्माण में भी अनियमितताएं सामने आईं। एक वर्ष की निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी गोदाम निर्माण पूरा नहीं हुआ और जांच प्रतिवेदन के पर्याप्त साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
आरोप है कि प्रदीप कुमार की अनुशंसा पर ही 17 अगस्त 2023 को गोदाम निर्माण के लिए 8.42 लाख रुपये की तीसरी किस्त स्वीकृत की गई थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने के बावजूद इसकी जांच नहीं की गई।
राइस मिल में चावल कुटाई से जुड़े प्रतिवेदन भी समय पर जमा नहीं किए गए और विभागीय पत्रों के बावजूद स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया गया। इसे अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही माना गया है।
इन सभी आरोपों को गंभीर मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मगध प्रमंडल, गया स्थित संयुक्त निबंधक कार्यालय निर्धारित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।