सहरसा के नवहट्टा थाना क्षेत्र से लापता हुई पांचों लड़कियों को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ऐशबाग रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया है। दो दिनों से जारी तलाश के बाद मिली इस बड़ी सफलता से गांव में फैली दहशत और भय की स्थिति के बीच राहत की लहर दौड़ गई है।
पुलिस टीम अब सभी को सुरक्षित सहरसा वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। सहरसा सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही सभी लड़कियों को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
कौन-कौन थीं लापता लड़कियां
लापता लड़कियों में 18 वर्षीय राधा कुमारी (पिता– प्रेम सादा), उसकी 15 वर्षीय बहन नेहा कुमारी, भूपेंद्र सादा की 10 वर्षीय पुत्री प्रीती कुमारी, दिनेश सादा की 12 वर्षीय पुत्री कोमल कुमारी और धर्मेंद्र सादा की 12 वर्षीय पुत्री ज्योति कुमारी शामिल थीं।
राधा की शादी 6–7 माह पहले सुपौल जिले के बलहा गांव निवासी मिठू सादा से हुई थी। शादी के बाद भी राधा अक्सर मायके में ही रहती थी।
कैसे गईं गांव से इतनी दूर?
पुलिस जांच में जो शुरुआती जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक सभी लड़कियां पहले अपने गांव से सड़क मार्ग से दरभंगा पहुंचीं। वहां से उन्होंने दिल्ली जाने वाली संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में सफर किया। यात्रा के दौरान दो नाबालिग बच्चियां रोने लगीं, जिससे सह-यात्रियों का ध्यान उन पर गया।
ट्रेन में मौजूद एक अजनबी ने बच्चियों को रोते देख उनसे बातचीत की। उसी ने परिजनों का नंबर लेकर उनके घरवालों से बात कराई और तुरंत टीटीई को स्थिति की जानकारी दी। इसके बाद आरपीएफ को अलर्ट किया गया और लखनऊ पहुंचने से पहले ही ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर पांचों लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
आरपीएफ ने उनकी तस्वीरें नवहट्टा थाना पुलिस को भेजीं। परिजनों ने तस्वीरें देखकर उनकी पहचान की पुष्टि कर दी।
घर से कैसे निकलीं?
ज्योति कुमारी के मामा बिजेंद्र सादा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर राधा कुमारी घास काटने के बहाने ज्योति और कोमल को घर से बुलाकर ले गई थी। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर घरवालों ने खोजबीन शुरू की। रात तक कोई पता नहीं चलने पर पुलिस को मौखिक सूचना दी गई। शनिवार रात नवहट्टा थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई।
परिजनों का कहना है कि बड़ी होने के कारण राधा के कहने पर ही बाकी लड़कियां उसके साथ चली गईं। आशंका है कि वे सभी गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नहर किनारे पहुंची होंगी, जहां से वे आगे दूसरे रास्तों से निकल गईं।
गांव में चर्चा तेज, पुलिस जांच में जुटी
पांच लड़कियों के अचानक गायब होने से इलाके में तरह–तरह की चर्चाएं तेज हो गई थीं। किसी को शक था कि किसी के बहकावे में आई होंगी, तो कोई इसे किसी बड़े गिरोह से जोड़कर देख रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी कई पहलू जांच के दायरे में हैं। पूरा खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही होगा।
फिलहाल पुलिस उन्हें सुरक्षित वापस लाने में जुटी है और गांव में माहौल सामान्य करने की कोशिश में लगी हुई है। परिवारों ने राहत की सांस ली है कि उनके घरों की बेटियां सुरक्षित मिल गई हैं।