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सहरसा में छोटू मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या: 20 राउंड फायरिंग, 10 गोलियां लगीं; 7 साल पुराने करण टाइगर मर्डर से जुड़ा बदले का एंगल
खबर:
बिहार के सहरसा जिले में शुक्रवार रात चर्चित छोटू मिश्रा हत्याकांड ने इलाके में सनसनी फैला दी। सदर थाना क्षेत्र में बाइक सवार पांच अपराधियों ने थार गाड़ी में बैठे सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने करीब 20 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से करीब 10 गोलियां छोटू मिश्रा को लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। हालांकि पोस्टमॉर्टम के दौरान केवल दो गोलियां ही बरामद हो सकीं, जबकि डॉक्टरों के अनुसार शरीर में करीब 10 गोलियां लगी थीं। बाकी गोलियों का पता नहीं चलने पर शव को आगे की जांच के लिए भागलपुर रेफर कर दिया गया। इस पर परिजनों ने नाराजगी जताते हुए शव को भागलपुर ले जाने से इनकार कर दिया।
भाई का आरोप- मेरे सामने भाई को गोलियों से भून डाला
मृतक के बड़े भाई आशीष कुमार ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या शिवम और तुषार ने मिलकर की है। उन्होंने बताया कि घटना के समय वह उसी रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि दोनों आरोपी छोटू मिश्रा की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे।
आशीष कुमार का दावा है कि इस पूरी साजिश के पीछे गोलू यादव का हाथ है और उसी ने इस हत्या के लिए फंडिंग की। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को भी उनके भाई के साथ इन लोगों ने मारपीट की थी और उसे अधमरा कर दिया था। उस समय भी उन्होंने प्रशासन को जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चाय दुकान पर बैठा था छोटू
घटना से पहले छोटू मिश्रा इलाके की एक चाय दुकान पर बैठा हुआ था। दुकानदार के मुताबिक शाम करीब साढ़े चार बजे वह अपनी थार गाड़ी से दुकान पर आया था और अपने साथियों के साथ चाय पी थी। बाद में वह दोबारा दुकान पर आया और काफी देर तक वहीं बैठा रहा।
दुकानदार ने बताया कि रात में अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद वह डर के कारण अपनी दुकान का शटर गिराकर वहां से भाग गया।
2019 में करण टाइगर की हत्या से जुड़ा मामला
दरअसल इस हत्याकांड का संबंध वर्ष 2019 में हुए चर्चित करण टाइगर मर्डर केस से भी जोड़ा जा रहा है। 5 अगस्त 2019 को विद्यापति नगर में करण टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में छोटू मिश्रा का नाम भी सामने आया था।
करण टाइगर के भाई शिवम ने उस समय सहरसा सदर थाना में चार नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि सात बदमाश बाइक से पहुंचे थे और करीब से फायरिंग कर करण टाइगर की हत्या कर दी थी।
मृतक के भाई आशीष कुमार का कहना है कि उसी हत्या का बदला लेने के लिए करण टाइगर के भाइयों ने छोटू मिश्रा की हत्या की है। उन्होंने कहा कि उनके भाई को भी उसी तरह मारा गया, जैसे करण टाइगर को मारा गया था, फर्क सिर्फ इतना है कि छोटू मिश्रा को उससे ज्यादा गोलियां मारी गईं।
घटनास्थल से 12 खोखे बरामद
घटना के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वायड की टीम ने भी घटनास्थल पर जांच की। पुलिस को घटनास्थल से 12 खोखे बरामद हुए हैं।
सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शहर के विद्यापति नगर निवासी योगेश्वर झा के पुत्र सतीश कुमार झा उर्फ छोटू मिश्रा की अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर हत्या की है।
उन्होंने बताया कि मृतक का आपराधिक इतिहास भी रहा है और प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मृतक के साथ मौजूद अन्य लोगों को गोली लगी थी या नहीं। साथ ही उसके साथियों की भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।