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Wednesday, March 11, 2026

सहरसा में खेत की खुदाई में मिली 1200–1500 साल पुरानी भगवान गणेश की दुर्लभ प्रतिमा, मटेश्वर धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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सहरसा में खेत की खुदाई में मिली 1200–1500 साल पुरानी भगवान गणेश की दुर्लभ प्रतिमा, मटेश्वर धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सिमरीबख्तियारपुर (सहरसा):
सहरसा जिले के कांठो पंचायत स्थित प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम एक बार फिर अपनी ऐतिहासिकता और प्राचीनता को लेकर चर्चा में आ गया है। बुधवार को मटेश्वर धाम मंदिर से करीब 200 मीटर दूर शिवगंगा के समीप रंधीर यादव के खेत में खुदाई के दौरान भगवान गणेश की एक दुर्लभ और प्राचीन प्रतिमा बरामद हुई। काले पत्थर से बनी यह चमकीली और आकर्षक प्रतिमा देखते ही देखते लोगों के बीच आस्था और जिज्ञासा का केंद्र बन गई।

मूर्ति मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रतिमा काफी प्राचीन मानी जा रही है। बाद में इसे सुरक्षित रूप से मटेश्वर धाम मंदिर परिसर में रख दिया गया, जहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे। कई श्रद्धालु भगवान गणेश को दूध पिलाने भी पहुंचे।

पालकालीन कला का उत्कृष्ट नमूना
मटेश्वर धाम मंदिर से जुड़े डाक एवं कांवरिया संघ के अध्यक्ष मुन्ना भगत ने इस खोज की जानकारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व निदेशक डॉ. फनीकांत मिश्र और हेरिटेज सोसाइटी के महानिदेशक डॉ. आशुतोषानंद द्विवेदी को दी। विशेषज्ञों के अनुसार काले पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी और मूर्ति की शैली पालकालीन प्रतीत होती है।
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक यह प्रतिमा आठवीं से नौवीं शताब्दी की हो सकती है, यानी करीब 1200 से 1500 वर्ष पुरानी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कलाकृतियां उस समय की उत्कृष्ट शिल्प परंपरा का प्रमाण मानी जाती हैं।

पहले भी मिल चुकी हैं प्राचीन मूर्तियां
मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने बताया कि मटेश्वर धाम क्षेत्र में पहले भी खुदाई के दौरान कई प्राचीन मूर्तियां मिल चुकी हैं। मंदिर के नव निर्माण के समय भी सूर्य भगवान और सरस्वती माता की प्रतिमाएं प्राप्त हुई थीं।

दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
खेत में मिली इस प्राचीन प्रतिमा को मंदिर में स्थापित कर दिया गया है। इसके बाद दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। आसपास के गांवों से लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
मौके पर मंदिर न्यास समिति के सचिव जगधर यादव, अनिल यादव, शिवेंद्र पौदार, रामोतार यादव और कृष्ण कन्हैया समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

संरक्षण का भरोसा
अनुमंडल पदाधिकारी आलोक राय ने कहा कि मटेश्वर धाम एक अत्यंत प्राचीन स्थल है। प्रशासन पुरातत्व और पर्यटन विभाग के सहयोग से इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और अध्ययन के लिए हरसंभव पहल करेगा।