Supaul - सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के बलवा पुनर्वास गजना चौक (वार्ड नंबर 1) में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात करीब 2:30 बजे यह भीषण अग्निकांड हुआ। प्रमोद पासवान के घर में अचानक आग लग गई और देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। रात का समय होने के कारण जब तक लोग कुछ समझ पाते, पूरा घर आग की चपेट में आ चुका था।
रेस्क्यू के बाद मलबे में मिले शव
स्थानीय ग्रामीणों और अग्निशमन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन जब मलबे की जांच की गई, तो घर के अंदर सो रही नीलम देवी और उनकी चार वर्षीय पुत्री अंजलि के जले हुए शव बरामद हुए। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर किसी की आँखें नम हो गई।
प्रेम विवाह के बाद मायके आई थी नीलम
मृतका नीलम देवी मूल रूप से सहरसा जिले के बिहार थाना क्षेत्र (आरण बिशनपुर) निवासी पिंटू यादव की पत्नी थीं। जानकारी के अनुसार, नीलम ने प्रेम विवाह किया था और वह कुछ समय के लिए अपनी पुत्री के साथ मायके यानी प्रमोद पासवान के घर रहने आई हुई थीं। किसे पता था कि पिता के घर का यह प्रवास उनके जीवन का अंतिम पड़ाव बन जाएगा।
आग के कारणों की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी हो सकता है। हालांकि, पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटना की सही वजह स्पष्ट हो सके।
इलाके में मातमी सन्नाटा और आक्रोश
इस हृदयविदारक घटना के बाद बलवा पुनर्वास और आसपास के क्षेत्रों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और अग्नि सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता करने की मांग की है।