सहरसा।
मधेपुरा जिले के एक युवक को मादक पदार्थ तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 79 हजार रुपये की अवैध उगाही करने के मामले में बैजनाथपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अमर ज्योति पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। इस मामले में नामजद आरोपी पूर्व थानाध्यक्ष अमर ज्योति ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है, जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मामला बैजनाथपुर थाना कांड संख्या 62/25 से जुड़ा है। आरोप है कि अमर ज्योति ने मधेपुरा जिले के एक युवक को हिरासत में लेकर उसे मादक पदार्थ तस्करी के केस में फंसाने की धमकी दी थी और इसके एवज में 79 हजार रुपये की उगाही की थी। राशि मिलने के बाद युवक को छोड़ दिया गया।
घटना के खुलासे के बाद पीड़ित परिवार ने वरीय पुलिस अधिकारियों से इसकी शिकायत की। एसपी के निर्देश पर कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अमर ज्योति सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया।
बताया जाता है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए अमर ज्योति ने पहले जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने पटना हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। दोनों अदालतों से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अंततः उन्होंने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह पहला मामला है, जब किसी थानाध्यक्ष के खिलाफ उसी थाना क्षेत्र में आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। इस घटना से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।