जमुई। शिक्षा के मंदिर में पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। जिले के सोनो प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सरधोडीह में कथित तौर पर विभागीय संपत्ति के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
इस मामले में भारी बवाल के बीच ग्रामीणों और छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए जाने की भी बात सामने आई है। इस प्रकरण पर वीडियो भी इन्टरनेट मीडिया पर वायरल है।
हालांकि, कोशी लाइव इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन वीडियो पर प्राप्त हो रहे टिप्पणियों से शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें उक्त विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधानाध्यापक नीरज कुमार को एक मारुति वेगनर कार में आईसीटी लैब के कंप्यूटर सिस्टम लोड करते देखा गया।
वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने इसे सरकारी संपत्ति की चोरी और नियम विरुद्ध कार्य करार दिया। सोशल मीडिया पर फैल रहे इस वीडियो में इसी विद्यालय का दावा किया जा रहा है।
स्थानीय अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में दो वर्ष पूर्व स्थापित आईसीटी लैब में लगभग 20 कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए थे, जो विभागीय समयावधि समाप्त होने के बाद बंद पड़ा था।
उनका कहना है कि यदि कंप्यूटर विभागीय प्रक्रिया के तहत हटाए गए हैं तो उसका स्पष्ट दस्तावेज सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की। इधर, मामले को लेकर शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
आईसीटी लैब का विधिवत प्रभार नहीं दिया गया था। पूर्व प्रभारी द्वारा ही कंप्यूटर हटाए गए हैं। मामले की सूचना विभाग को दे दी गई है। -किरण कुमारी, वरीय शिक्षिका ।
जिनके माध्यम से आईसीटी लैब स्थापित की गई थी, उन्हीं को कंप्यूटर वापस किए गए हैं। विभाग की ओर से कंप्यूटर हटाने संबंधी कोई लिखित पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। -नीरज कुमार, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक।