दरअसल, भूमि राजस्व विभाग के मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार और अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अहम निर्णय लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारियों (CO) को नियमानुसार DCLR पद पर प्रोन्नति दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति पूरी तरह कार्य-आधारित होगी। जो अंचलाधिकारी समयसीमा के भीतर लंबित मामलों का निष्पादन करेंगे, पारदर्शिता बनाए रखेंगे और राजस्व व परिमार्जन से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करेंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
विभागीय समीक्षा के तहत सभी DCLR के साथ बैठक की गई। बैठक में कोर्ट के कार्यों की प्रगति, लंबित मामलों की स्थिति और आधारभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि DCLR कोर्ट में आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सरकार ने DCLR अदालतों को सुदृढ़ करने का भी निर्णय लिया है।
कोर्ट परिसर में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि मामलों के निपटारे में तेजी आए और आम जनता को पारदर्शी व समयबद्ध न्याय मिल सके। सरकार के इस फैसले को विभागीय जवाबदेही बढ़ाने और अधिकारियों के मनोबल को ऊंचा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि राजस्व से जुड़े मामलों के निपटारे में भी तेजी आने की उम्मीद है।