दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना में व्यवसायी के साथ मारपीट और प्रताड़ना के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी और एसआई मनोज कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। दोनों का मुख्यालय पुलिस केंद्र दरभंगा बनाया गया है।
मामला नगर पंचायत कुशेश्वरस्थान पूर्वी वार्ड संख्या-4 निवासी व्यवसायी आनंद कुमार खेतान से जुड़ा है। उन्होंने थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी और एसआई मनोज कुमार शर्मा के खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा से लिखित शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता आनंद कुमार खेतान के अनुसार, 1 फरवरी को वह दो दिन पहले काटी गई गाड़ी के चालान के संबंध में जानकारी लेने कुशेश्वरस्थान थाना पहुंचे थे। उस समय थानाध्यक्ष मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्होंने महिला एसआई अंशु कुमारी से जानकारी ली।आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला एसआई से कहासुनी हो गई,जिसके बाद वह वापस लौट आए।
बाद में चौकीदार से सूचना मिलने पर कि थानाध्यक्ष थाना आ चुके हैं, आनंद कुमार खेतान दोबारा थाना पहुंचे। आरोप है कि थाना पहुंचते ही महिला एसआई ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया। इसके बाद उनके छोटे भाई सतीश खेतान भी थाना पहुंचे।
दोनों भाइयों को कंप्यूटर कक्ष में ले जाकर गाली-गलौज की
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद एसआई मनोज कुमार शर्मा और थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी ने दोनों भाइयों को कंप्यूटर कक्ष में ले जाकर गाली-गलौज की और मारपीट की। मारपीट में दोनों भाइयों को सिर और आंख में गंभीर चोटें आईं।
आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने धमकी दी कि शिकायत करने पर झूठे मामले में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा।
एसएसपी दरभंगा ने बिरौल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को जांच सौंपी थी। जांच के बाद एसडीपीओ की ओर से समर्पित रिपोर्ट में थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी और एसआई मनोज कुमार शर्मा पर लगे आरोपों को सत्य पाया गया।
एसडीपीओ ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की। अनुशंसा के आलोक में वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा ने तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया।
थानाध्यक्ष पर गलत व्यवहार करने का आरोप
कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष अंकित कुमार चौधरी पर इससे पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने डीआईजी और एसएसपी को आवेदन देकर थानाध्यक्ष पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
राजेश शर्मा के अनुसार, कांड संख्या 163/24 में जमानत के बावजूद 29 नवंबर 2025 की रात थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और बल प्रयोग कर दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और महिलाओं के साथ भी गाली-गलौज की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जिस मामले में पुलिस कार्रवाई के लिए पहुंची थी, उसमें महिला आरोपी होने के बावजूद टीम में महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, जो नियमों के खिलाफ है।
कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में पुलिस व्यवहार को लेकर बार-बार विवाद सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।