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ग्रामीण इलाकों में बनेंगे आधुनिक मुक्तिधाम, सात निश्चय योजना से अंतिम संस्कार होगा गरिमापूर्ण और सुविधाजनक
सहरसा।
ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार की बुनियादी और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने सात निश्चय योजना के तहत पंचायत स्तर पर आधुनिक मुक्तिधाम (शवदाह गृह) निर्माण का निर्णय लिया है। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
ग्रामीण इलाकों में व्यवस्थित श्मशान घाटों की कमी के कारण लोगों को खुले स्थानों या नदी घाटों पर अंतिम संस्कार करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम में इस योजना को शामिल किया गया है।
सभी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
पंचायत स्तर पर बनने वाले मुक्तिधामों में आवश्यकता अनुसार सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शवदाह के लिए चबूतरे के साथ पूरे परिसर को सुव्यवस्थित किया जाएगा। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के बैठने के लिए बेंच, प्रतीक्षालय, बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, सुगम रास्ता, साफ-सफाई और पेयजल जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
नदी घाटों का भी होगा विकास
योजना के तहत पंचायतों में शवदाह गृह निर्माण के साथ-साथ प्रमुख नदी घाटों का भी वैज्ञानिक तरीके से विकास किया जाएगा। नदी किनारे पक्के घाट बनाए जाएंगे और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि लोगों को अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान मिल सके।
पंचायतों को भूमि चिह्नित करने का निर्देश
यह परियोजना ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग के समन्वय से लागू की जाएगी। इसके लिए पंचायतों को भूमि चिह्नित करने और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
बीडीओ प्रिया भारती ने बताया कि इस पहल से जहां प्रदूषण में कमी आएगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को भी मजबूती मिलेगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अंतिम संस्कार को गरिमापूर्ण, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाना है। यह पहल “सबका सम्मान–जीवन आसान” की सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।