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औरंगाबाद का बेटा शहीद: कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार की तूफान में पेड़ गिरने से मौत, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
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बिहार के औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड के रहने वाले सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार शहीद हो गए। वे झारखंड के चाईबासा स्थित सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में तैनात थे।
मंगलवार देर रात अभियान के दौरान अचानक आए तेज आंधी-तूफान में एक पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक इलाज चाईबासा में किया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर बुधवार तड़के हेलिकॉप्टर से उन्हें रांची ले जाया गया, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
शहीद जवान की पहचान 30 वर्षीय राकेश कुमार के रूप में हुई है, जो औरंगाबाद के धमनी टोला शांभो गांव के निवासी थे। वे सीआरपीएफ की 210 कोबरा बटालियन में तैनात थे और नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के बावजूद नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान लगातार जारी है और जवान पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
शहीद राकेश कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है, जहां अंतिम दर्शन के बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों ने बताया कि राकेश करीब एक महीने पहले ही छुट्टी बिताकर 5 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे। उनके भाई विक्रम कुमार ने उन्हें बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ जवान बताया। हाल ही में नक्सल विरोधी अभियान में तीन नक्सलियों को मार गिराने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था और उनका प्रमोशन भी हुआ था।
राकेश कुमार चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उन्होंने वर्ष 2012 में सीआरपीएफ जॉइन की थी। वर्ष 2014 में उनकी शादी पिंकी देवी से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।