रुखसाना खातून की शादी 11 मार्च 2022 को बेगूसराय के पोखरिया निवासी मोहम्मद मकबूल (34) से हुई थी। यह रुकसाना की दूसरी शादी थी, जबकि मकबूल की पहली। शादी के समय 51,000 रुपये दहेज और दो तोला सोना दिया गया था। लेकिन खुशहाल शादीशुदा जिंदगी का सपना सिर्फ तीन महीने में ही टूट गया। रुखसाना के मुताबिक, मकबूल और उसका परिवार (ससुर अकबर, सास असरुन और जेठ रब्बान) 5 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगा।
बिजनेस के नाम पर 17 लाख रुपये ऐंठे
रुखसाना का आरोप है कि जब उसने पैसे देने से मना किया तो उसे मारा-पीटा गया और मेंटल टॉर्चर किया गया। आखिर में उसे घर से निकाल दिया गया। समाज और परिवार के दखल के बाद उसके पति ने फिर से उसे अपने साथ रखने की बात कही और करीब छह महीने बाद उसे दिल्ली ले गया। जहां बिजनेस शुरू करने के नाम पर उसने रुकसाना की मां से 5 लाख रुपये लिए। बेबस मां ने बेटी का घर बचाने के लिए पैसे देने के लिए अपने गहने गिरवी रख दिए।
रुखसाना ने अपनी पहली शादी से बेटी के भविष्य के लिए 1.40 लाख की FD की थी, जिसे मकबूल ने उसे तोड़ने के लिए मजबूर किया। रुखसाना का दावा है कि मकबूल अब तक उससे और उसके परिवार से करीब 16-17 लाख रुपये ऐंठ चुका है। जब पैसे चुकाने की बात आई तो हालात और बिगड़ गए।
पैसे वापस मांगने पर हमला
रुखसाना का आरोप है कि जुलाई 2022 में, जब रुखसाना के परिवार ने अपने पैसे वापस मांगे, तो मकबूल ने उन पर जानलेवा हमला करवाया। जिसमें रुखसाना का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान, डॉक्टरों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। हालांकि, उसके पति ने उस समय माफी मांग ली और मामला सुलझा लिया।
जून 2023 में, रुखसाना ने एक बेटे, अरसलान खान को जन्म दिया। आरोप है कि इसके बाद उत्पीड़न और बढ़ गया। दिल्ली से फोन कॉल पर उसे गालियां दी गईं और वेश्यावृत्ति कराने तक की धमकी भी दी गई। रुखसाना का कहना है कि उसके पति ने उसके बेटे को अपना मानने से इनकार कर दिया और उसके चरित्र पर सवाल उठाए।
WhatsApp पर तीन तलाक
रुखसाना के मुताबिक, 20 फरवरी 2024 को, मकबूल ने उसे 'तलाक, तलाक, तलाक' लिख कर एक व्हाट्सएप मैसेज भेजा। जब रुखसाना ने गुहार लगाई, तो उसके पति ने कथित तौर पर शर्त रखी कि, "अगर तुम वापस आना चाहती हो, तो तुम्हें अपने ससुर या जेठ के साथ हलाला करना होगा।" फिर, 17 मार्च, 2024 को उसने उसे मैसेज भेजकर बताया कि उसने दूसरी शादी कर ली है।
दो साल से पुलिस स्टेशन के चक्कर
रुखसाना का आरोप है कि वह पिछले दो साल से न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन पुलिस उसे बस एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन भेजती रही है। पीड़िता के वकील अभिषेक जायसवाल का कहना है कि पुलिस ने न तो रुखसाना के पति पर तीन तलाक और न ही हत्या की कोशिश की धारा 307 लगाई। आरोप है कि उसके पति के दबाव में पुलिस ने रुखसाना के खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर लिया।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
रुखसाना गुरुवार को महिला आयोग गई। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने कहा कि फोन पर तीन तलाक देने के मामले को संज्ञान में लिया गया है। संबंधित पुलिस अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है और दो दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता जरूरी है। दहेज और तीन तलाक जैसे मामलों पर कानून सख्त है, लेकिन जागरूकता के बिना बदलाव नामुमकिन है।