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Thursday, January 8, 2026

BIHAR:सड़कों से हटेंगी जुगाड़ गाड़ियां, आज से शुरू होगा महा-अभियान, पकड़े जाने पर भारी जुर्माना!

बिहार की सड़कों पर लंबे समय से चल रही जुगाड़ गाड़ियों का अवैध संचालन अब इतिहास बनने जा रहा है. परिवहन विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने राज्य के सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आठ तारीख के बाद जुगाड़ गाड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में पटना हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

जुगाड़ गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जुगाड़ गाड़ियों का परिचालन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. यह मामला केवल यातायात नियमों का नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश और जनहित से जुड़ा है. इसलिए सभी डीटीओ को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए अपने-अपने जिलों में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

हाईवे से शहरों तक होगी कार्रवाई

अभियान के तहत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरों और कस्बों में चल रही जुगाड़ गाड़ियों पर कार्रवाई होगी. अवैध वाहनों और उनके चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालान, जब्ती और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे. विभाग का फोकस उन इलाकों पर रहेगा, जहां इस तरह के वाहन सबसे अधिक दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं.

कैसे बनती हैं जुगाड़ गाड़ियां

परिवहन विभाग के अनुसार राज्यभर में चल रही जुगाड़ गाड़ियां मुख्य रूप से डीजल पंप सेट, मोटरसाइकिल के हैंडल और माल ढोने वाले रिक्शा-ठेला की बॉडी को जोड़कर बनाई जाती हैं. इन वाहनों का कोई वैध रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या सुरक्षा मानक नहीं होता, जिससे ये सड़क पर चलने वालों के लिए बड़ा खतरा बन जाती हैं.

मंत्री ने साफ कहा कि इस प्रकार के वाहन मोटर वाहन अधिनियम, 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 और बिहार मोटर वाहन नियमावली, 1992 के किसी भी प्रावधान को पूरा नहीं करते. न तो इनके ब्रेक, लाइट और इंजन मानक के अनुसार होते हैं, न ही प्रदूषण और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जाता है.

सड़क सुरक्षा और प्रदूषण पर भी असर

जुगाड़ गाड़ियां न केवल सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, बल्कि भीषण प्रदूषण भी फैलाती हैं. धुआं उगलते ये वाहन शहरों की हवा को जहरीला बनाते हैं. सरकार का मानना है कि इनके हटने से सड़क सुरक्षा और पर्यावरण दोनों को राहत मिलेगी.

परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय है.