मधेपुरा में 194 किलो गांजा तस्करी मामला: चार दोषियों को 12-12 साल की सजा, एक-एक लाख का जुर्माना
मधेपुरा। तीन साल पूर्व एंबुलेंस से 194 किलोग्राम गांजा बरामदगी के मामले में अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। एडीजे थर्ड विकास मिश्रा की अदालत ने सभी दोषियों को 12-12 वर्ष का सश्रम कारावास और प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
दंडित आरोपियों में पुरैनी थाना क्षेत्र के भटौनी गांव निवासी सुनील मंडल, उरनी देवी, सुकनी देवी तथा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी एंबुलेंस चालक राकेश सिंह शामिल हैं।
13 फरवरी 2023 को हुई थी कार्रवाई
लोक अभियोजक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला 13 फरवरी 2023 का है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पुरैनी थाना क्षेत्र के वंशगोपाल पंचायत अंतर्गत पूर्वी भटौनी गांव में लंबे समय से गांजा का बड़ा स्टॉक रखकर छोटे कारोबारियों को सप्लाई की जा रही है।
सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि वार्ड संख्या चार निवासी सुनील मंडल अपनी पत्नी और अन्य लोगों के साथ गांव स्थित एक बांसबाड़ी में एंबुलेंस से गांजा उतार रहा है।
छापेमारी में एंबुलेंस से बरामद हुआ गांजा
सूचना मिलते ही पुरैनी थाने के तत्कालीन एसआई कपिलदेव यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर कई महिला-पुरुष भागने लगे, लेकिन कमांडो टीम की तत्परता से एक पुरुष और दो महिलाओं को मौके से पकड़ लिया गया।
एंबुलेंस की तलाशी लेने पर कई बोरों और एक लकड़ी के बक्से में पैक किया गया गांजा बरामद हुआ।
194 किलो गांजा जब्त
तत्कालीन अंचलाधिकारी की मौजूदगी में थाना परिसर में जब्त गांजा की नाप-तौल कराई गई, जिसमें कुल वजन 194 किलोग्राम पाया गया। मामले में एंबुलेंस चालक को भी गिरफ्तार किया गया था।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और बरामदगी के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।