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Monday, January 26, 2026

BIHAR:जमीन के कागजात हुए पूरी तरह ऑनलाइन, जानिए घर बैठे पाने का आसान तरीका

Bihar land records online:बिहार के किसी अंचल कार्यालय से जमीन के कागजात निकलवाना उतना ही मुश्किल था जितना बालू से तेल निकालना। दलाल के चक्कर में पड़ गए तो समय और पैसे की बर्बादी की गारंटी थी।नई सरकार ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर बड़ी पहल करते हुए 1 जनवरी 2026 से पूरी व्यवस्था को डिजिटल कर दिया है। अब आम नागरिक घर बैठे खतियान, जमाबंदी, रजिस्ट्री कॉपी और अन्य राजस्व अभिलेख ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।


पहले कैसी थी व्यवस्था

पहले जमीन के कागजात प्राप्त करने के लिए लोगों को अंचल कार्यालय या जिला रिकॉर्ड रूम के चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन पत्र भरना पड़ता था और कई बार बिचौलियों की मदद लेनी पड़ती थी। दस्तावेज मिलने में सात से 14 दिन या उससे भी अधिक समय लग जाता था।

सरकारी शुल्क भले कम था, लेकिन अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी आम बात थी।

अब क्या बदला है

1 जनवरी 2026 से बिहार सरकार ने भू-अभिलेख पोर्टल https://bhuabhilekh.bihar.gov.in के माध्यम से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। अब मोबाइल या कंप्यूटर से ही आवेदन किया जा सकता है।

नई व्यवस्था के तहत मिलने वाले सभी दस्तावेज डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त होते हैं, जिससे वे कानूनी रूप से मान्य हैं। कुछ जिलों में डाक के माध्यम से घर तक प्रमाणित प्रति भेजने की सुविधा भी शुरू की गई है।

इसके अलावा, भूमि का नक्शा (भू-नक्शा) भी ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑनलाइन कागजात पाने का तरीका

  • सबसे पहले bhuabhilekh.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
  • जिला, अंचल और मौजा का चयन करें।
  • खाता या प्लॉट नंबर दर्ज करें।
  • आवश्यक दस्तावेज चुनें।
  • ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें।
  • डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रति डाउनलोड करें।

नई व्यवस्था के फायदे

नई प्रणाली से बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। पहले जो काम हफ्तों में होता था, वह अब कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है। ऑनलाइन भुगतान से भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है।

अब लोग अपनी जमीन का पूरा रिकॉर्ड, पुराने खतियान से लेकर वर्तमान रजिस्ट्री तक, ऑनलाइन देख सकते हैं।

वर्तमान शुल्क व्यवस्था

सरकार ने विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित किया है। ये निम्न हैं-

  • 1990 के बाद की रजिस्ट्री कॉपी डाउनलोड: लगभग 600 रुपये प्रति डीड
  • जमाबंदी/खतियान देखने का शुल्क: 10 से 20 रुपये (कई मामलों में मुफ्त)
  • प्रमाणित प्रति: लगभग 40 रुपये प्रति आवेदन
  • भू-नक्शा: मामूली शुल्क पर ऑनलाइन उपलब्ध

आम जनता को बड़ी राहत

इस डिजिटल व्यवस्था से आम लोगों को समय, पैसे और मेहनत की बचत हो रही है। जमीन से जुड़े कार्य अब अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बन गए हैं। सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देने के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रही है।

ये वो बाते हैं जो सरकार की ओर से कही जा रही हैं, लेकिन अब भी बहुत से इलाके ऐसे हैं जिसके कागजात स्कैन होकर अपलोड नहीं हो सके हैं। सरकार को उस दिशा में भी तेजी से काम करने की जरूरत है। यदि ऐसा कर लिया गया तो यह क्रांतिकारी कदम साबित होगा।