भागलपुर के कहलगांव प्रखंड में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां झोलाछाप डॉक्टर द्वारा किए गए ऑपरेशन के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई. आरोप है कि डॉक्टर ने यूट्यूब देखकर सर्जरी की और क्लिनिक में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के बिना ही ऑपरेशन कर दिया.
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने क्लिनिक के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया, जबकि आरोपी डॉक्टर फरार बताया जा रहा है.
ऑपरेशन टेबल बना मौत का कारण
रसलपुर थाना क्षेत्र के एकचारी गांव स्थित श्रीमठ स्थान के पास बने निजी क्लिनिक में यह हादसा हुआ. मृतका की पहचान 23 वर्षीय स्वाति देवी के रूप में हुई है, जो झारखंड के ठाकुरगंटी थाना क्षेत्र के मोढ़िया गांव की रहने वाली थी. गर्भावस्था के दौरान वह अपने मायके खड़हरा में रह रही थी. गुरुवार की रात जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजन उसे पास के क्लिनिक में लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन की जरूरत बताई और इसके लिए 30 हजार रुपये की मांग की.
यूट्यूब देखकर किया गया ऑपरेशन
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला और पुरुष सहयोगी के साथ मिलकर यूट्यूब से देखकर ऑपरेशन किया. क्लिनिक में न तो जरूरी मशीनें थीं और न ही खून की व्यवस्था. ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे स्वाति देवी की हालत बिगड़ गई. बाद में डॉक्टर ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. नवजात शिशु को सुरक्षित बताया जा रहा है.
क्लिनिक के बाहर हंगामा, डॉक्टर फरार
घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया. परिजनों और ग्रामीणों ने क्लिनिक के बाहर शव रखकर विरोध-प्रदर्शन किया. सूचना मिलने पर रसलपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के अनुसार एफएसएल टीम को भी सूचना दी गई है. वहीं, घटना के बाद से झोलाछाप डॉक्टर फरार है.
पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्लिनिक को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे गैरकानूनी इलाज का धंधा चलता रहा. अब एक महिला की जान जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिल चुकी है और इसकी जांच कराई जाएगी. वहीं रसलपुर थानाध्यक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी. परिजनों का कहना है कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की लापरवाही का शिकार न बने.