बिहार में मगध से लेकर कोसी तक टॉप अपराधियों की लिस्ट तैयार कर ली गई है. नए साल पर अपराध पर विराम लगाने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बिहार पुलिस की तरफ से बड़े संकेत दिए गए हैं.
जिसके मुताबिक, इस बार अपराध पर नकेल ढीली नहीं पड़ेगी. पुलिस मुख्यालय और स्पेशल टॉस्क फोर्स ने मिलकर राज्य के टॉप 10 और हर जिले के टॉप 10 कुख्यात अपराधियों की लिस्ट तैयार कर ली है.
बिहार पुलिस का ये है लक्ष्य
लक्ष्य साफ है अपराधियों को किसी भी हाल में कानून के हवाले करना है. साल के पहले ही दिन दानापुर में भाग रहे एक कुख्यात को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी और उसे गिरफ्तार किया गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब हर इलाके में विशेष टीम लगातार इन अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है. लिस्ट में शामिल ज्यादातर आरोपी हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और गैंगवार जैसे मामलों में वांछित हैं.
‘अपराधमुक्त बिहार सिर्फ घोषणा नहीं बल्कि लक्ष्य’
साथ ही कई पर इनाम घोषित हैं और पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए खुफिया नेटवर्क और तकनीकी निगरानी दोनों तेज कर दी है. पिछले महीनों में बढ़ती वारदातों से सरकार पर दबाव था. गृह विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संकेत दिया है कि अपराधमुक्त बिहार सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि लक्ष्य है और इसी के तहत अभियान चल रहा है.
पटना, कोसी, मगध और शाहाबाद के टॉप अपराधी
पटना जिले के टॉप अपराधी: भोला सिंह, मनोज सिंह, सुजीत मंडल, राजीव महतो, एमपी यादव.
कोसी क्षेत्र के टॉप अपराधी: जानेश्वर यादव, गणेश ऋषि, देवललित कुमार मेहता, वीरेंद्र राय.
मगध क्षेत्र के टॉप अपराधी: धर्मवीर महतो, आलोक सिंह, पल्टन सिंह, दीपक रवानी, संतोष गोस्वामी, अमित तिवारी.
शाहाबाद क्षेत्र के टॉप अपराधी: दिलीप कुमार, रिंकू यादव, विजय पांडेय, शहनाज अंसारी, पप्पू कुमार, संजय तिवारी, डिंपल सिंह.
सात महीने में 15 एनकाउंटर
बिहार स्पेशल टॉस्क फोर्स ने जिला पुलिस के साथ मिलकर सात महीनों में 15 एनकाउंटर किए हैं. इन अभियानों में एक माओवादी और एक बदमाश को मार गिराया गया. 14 अपराधियों के पैरों में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने कई राज्यों में दबिश देकर इनामी अपराधियों को पकड़ा और गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ा. हाल के ही मामलों में देखा जाए तो छपरा, गोपालगंज, बेगूसराय और पटना इलाके में बड़े ऑपरेशन हुए.