बिहार में शराब की अवैध आपूर्ति, परिवहन और बिक्री में लगे माफियाओं पर राज्य सरकार शिकंजा कस रही है। बिहार पुलिस व मद्य निषेध उत्पाद विभाग ने पहले चरण में ऐसे करीब दो दर्जन शराब माफियाओं की पहचान करते हुए उनपर कार्रवाई की है।
इन पर आठ जिलों के विभिन्न पुलिस व उत्पाद थानों में 167 कांड दर्ज हैं। चिह्नित माफियाओं में 13 फिलहाल जेल में हैं, जबकि 11 पर बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम की धारा तीन (सीसीए 3) के तहत जिला बदर या निषिद्ध किए जाने की कार्रवाई की गयी है। इन शराब माफियाओं की अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए नये कानून बीएनएसएस की धारा 107 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक बेगूसराय जिले में सबसे अधिक पांच शराब माफियाओं को चिह्नित करते हुए कार्रवाई की गयी है। इसके बाद सारण के चार, गोपालगंज व भागलपुर के तीन-तीन, पटना, पश्चिम चंपारण व पूर्वी चंपारण जिले के दो-दो एवं मुजफ्फरपुर, नवादा, दरभंगा, अररिया, पूर्णिया के एक-एक शराब माफिया की पहचान हुई है। ये दूसरे राज्यों से ट्रकों से शराब लाकर विभिन्न जिलों में उसकी आपूर्ति करते हैं।
चिह्नित शराब माफिया में मुजफ्फरपुर के राकेश महतो पर सबसे अधिक 20 कांड दर्ज हैं। ये मामले सकरा, बहेरा, कुढ़नी, ब्रह्मपुर, पातेपुर, बलिगांव, दगौरा, पूसा, मुसरीघरारी और उत्पाद थानों में दर्ज हैं। इससे पहले डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शराब माफिया और भू माफिया की लिस्ट बनाकर कार्रवाई का आदेश दिया था। जिसके बाद लगातार माफिया पर ऐक्शन हो रहा है। अब 8 जिलों को 24 शराब माफियों पर कार्रवाई हुई है। जिन्हें जिला बदर करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही अपराध से अर्जित संपत्ति भी जब्त की जाएगी।