सहरसा के रेड लाइट एरिया में बड़ा एक्शन: 15 लड़कियां रेस्क्यू, कई मकान सील, एफएसएल ने जुटाए सबूत
सहरसा।
सहरसा के रेलवे स्टेशन के दक्षिण स्थित भारतीय नगर वार्ड संख्या–35 में संचालित रेड लाइट एरिया के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। देह व्यापार के संगठित नेटवर्क के खुलासे के बाद प्रशासन ने कई मकानों को सील कर दिया है, जबकि 15 लड़कियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद की गई। राकेश नामक युवक ने बिहार पुलिस और सहरसा के जिलाधिकारी को टैग कर इलाके में चल रहे देह व्यापार और नाबालिगों की तस्करी की शिकायत की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस विशेष टीम में सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी, मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह, सदर बीडीओ अभिलाषा कुमारी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
योजनाबद्ध छापेमारी में 15 लड़कियां रेस्क्यू
मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से बुधवार रात को छापेमारी की गई। इस दौरान विभिन्न मकानों से 15 लड़कियों को रेस्क्यू कर सदर थाना लाया गया। इनमें कुछ नाबालिग भी पाई गई हैं। सभी लड़कियों की वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा काउंसलिंग कराई जा रही है। जिला कोऑर्डिनेटर टुसी कुमारी की निगरानी में लगातार मानसिक और सामाजिक परामर्श दिया जा रहा है।
एफएसएल टीम ने जुटाए तकनीकी साक्ष्य
अंधेरा होने के कारण बुधवार रात सभी साक्ष्य एकत्र नहीं किए जा सके थे। इसके बाद गुरुवार को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची और विभिन्न कमरों से साक्ष्य संकलन किया। टीम ने इस्तेमाल किए गए कंडोम, बेडशीट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। कई कमरों में बेडशीट पर वीर्य के दाग पाए गए, जिससे देह व्यापार के संगठित संचालन की पुष्टि हुई।
डीएसपी ने बताया कि विनोद नट नामक व्यक्ति के मकान में तीन अलग-अलग कमरे बनाए गए थे, जहां देह व्यापार कराया जा रहा था। ऐसे सभी कमरों को फिलहाल सील कर दिया गया है।
स्वास्थ्य शिविर में सामने आया था गंभीर खतरा
डीएसपी ने यह भी बताया कि दिसंबर माह में एक एनजीओ द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर में इलाके की चार महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव पाई गई थीं, जिससे इस पूरे नेटवर्क से जुड़ा स्वास्थ्य और सामाजिक खतरा और गंभीर हो गया था।
अवैध धंधे पर चलेगा प्रशासन का बुलडोजर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देह व्यापार में संलिप्त पाए जाने वाले सभी लोगों और मकान मालिकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नाबालिगों के मामले में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सहरसा को देह व्यापार जैसे अवैध और अमानवीय धंधों से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।