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डॉक्टर ही निकला डॉक्टर का दुश्मन: एक करोड़ की फिरौती के लिए रची गई थी साजिश, अपहरण के बाद हत्या का प्लान; बिहार से हरियाणा तक छापेमारी
पूरी खबर:
बिहार के छपरा में चर्चित चिकित्सक डॉ. सजल कुमार के अपहरण की साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि अपहरण कांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि डॉ. सजल के साथ ही काम करने वाला पटना का एक डॉक्टर निकला। आरोपी डॉक्टर की पहचान डॉ. शिवनारायण के रूप में हुई है, जो डॉ. सजल के क्लीनिक में एनेस्थीसिया का काम संभालता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के बाद डॉ. सजल कुमार की हत्या करने की भी योजना बनाई गई थी। हालांकि, डॉ. सजल की सूझबूझ और साहस के चलते यह साजिश नाकाम हो गई। पुलिस ने बीते दो दिनों में छपरा और पटना में ताबड़तोड़ छापेमारी कर मास्टरमाइंड डॉक्टर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश में हरियाणा में छापेमारी जारी है।
सारण के सीनियर एसपी डॉ. कुमार आशीष ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पटना के बुद्धा कॉलोनी, ईस्ट बोरिंग कैनाल रोड निवासी डॉ. शिवनारायण इस पूरे अपहरण कांड का मास्टरमाइंड है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। अपहरण की कोशिश के दौरान क्षतिग्रस्त हुई डॉ. सजल की कार की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई है।
कार से कूदकर डॉक्टर ने बचाई जान
घटना बुधवार रात की है। छपरा टाउन थाना क्षेत्र के साधनापुरी दहियावां मोहल्ले में रहने वाले जाने-माने चिकित्सक डॉ. सजल कुमार जब रात में अपने वाहन से घर पहुंचे, तभी अपराधियों ने उन्हें और उनके केयरटेकर को जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोपी उन्हें अगवा कर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में डॉ. सजल ने साहस दिखाते हुए चलती कार से कूदकर अपनी जान बचा ली। इसके बाद अपहरणकर्ताओं की गाड़ी एक पोल से टकरा गई और सभी आरोपी मौके से पैदल फरार हो गए।
मुठभेड़ में दो अपराधी घायल
गुरुवार को हथियारों की बरामदगी के लिए गई पुलिस टीम पर आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में दो अपराधियों को गोली लग गई। दोनों घायलों का इलाज छपरा सदर अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत पर पुलिस की कड़ी निगरानी है।
पैसों के लालच में रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, डॉ. शिवनारायण ने पटना और आसपास के इलाकों में जमीन खरीदी थी और आगे भी जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। उसे डॉ. सजल की आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी थी। इसी लालच में आकर उसने अपने आपराधिक साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गोपालगंज, मोतिहारी और सारण जिलों में पहले से ठगी और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी कट्टा, दो देसी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, पांच खोखा और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इससे साफ है कि अपराधी पूरी तैयारी के साथ इस वारदात को अंजाम देने निकले थे।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क के खुलासे के लिए बिहार से लेकर हरियाणा तक लगातार छापेमारी कर रही है।