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Saturday, November 29, 2025

SUPAUL:नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला दोषी करार, सुपौल में 23 वर्ष की सजा

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की अदालत ने सुनाई फैसला – अदालत ने 50-50 हजार रुपए का लगाया जुर्माना भी, जुर्माने की राशि नही देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा – पीड़िता को 3.5 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश किया गया पारित सुपौल.

सदर थाना कांड संख्या 22/19 पॉक्सो वाद संख्या 21/19 की नाबालिग पीड़िता से बहला फुसलाकर दुष्कर्म करने से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो संतोष कुमार दुबे की अदालत ने एक दोषी को 23 वर्ष का सश्रम कारावास व 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई. किशनपुर थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी 25 वर्षीय छोटू साह उर्फ छोटू कुमार कोर्ट ने भादवि की धारा 376(2) तथा पॉक्सो की धारा 4 (2) के तहत 23 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 50-50 हजार रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई. जुर्माने की राशि नही देने पर 06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी. सभी सजाए साथ चलेंगी. अदालत ने आईपीसी की धारा 341 के तहत एक माह का साधारण कारावास तथा 500 रुपए का जुर्माना लगाया. जुर्माने की राशि नहीं देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कारावास की सजा होगी. आईपीसी की धारा 323 के तहत एक साल का सश्रम कारावास व 1000 रुपए का जुर्माना जुर्माना लगाया गया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास होगी. आईपीसी की धारा 504 के तहत दो साल का सश्रम कारावास तथा 5000 रुपए का जुर्माना जुर्माना लगाया गया. जुर्माना नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. आईपीसी की धारा 506 के तहत दो साल का सश्रम कारावास तथा 5000 रुपए का जुर्माना लगाया गया. जुर्माने की राशि नहीं देने पर 02 माह की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी. आईपीसी की धारा 509 के तहत 03 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी. अन्य अभियुक्त अमला देवी, विनोद साह, जितेंद्र साह, रविंद्र साह, रीना देवी एवं भूमि साह को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में रिहा किया. मामले में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नीलम कुमारी तथा बचाव पक्ष की और से अधिवक्ता शंभूनाथ झा, केदार झा ने दलील पेश की. आरोपित को दिनांक 20 नवंबर 2025 को दोषी करार दिया गया था. अभियोजन की ओर से कुल 11 गवाहों ने न्यायालय में गवाही दी, जबकि बचाव पक्ष की और से 04 गवाहों ने गवाही दी. पीड़िता को 3.5 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश पारित किया गया.