ठिकाने से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को ठिकाने से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री मिली. पुलिस ने कुल 64 मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड, कई बैंक पासबुक, 5 लैपटॉप, और अन्य सामान जब्त किया. यह बरामदगी साफ दिखाती है कि गिरोह बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहा था.
पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए. पकड़े गए साइबर अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग तरीकों से लोगों से पैसे ठगते थे. इनमें शामिल हैं-
• ऑनलाइन गेमिंग ऐप के नाम पर लोगों को फंसाना
• बिजली बिल के नाम पर फर्जी कॉल
• बैंक अकाउंट अपडेट कराने के नाम पर धोखा
• सोशल मीडिया फ्रॉड
• ओटीपी और लिंक शेयर कराकर रकम उड़ाना
आरोपियों ने बताया कि वे रोज सैकड़ों लोगों को कॉल करते थे और अलग-अलग राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए ठगी करते थे.
एसपी शुभम आर्य के निर्देश पर जब्त सभी उपकरणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है. विशेषज्ञों की टीम यह पता लगा रही है कि यह गैंग कितने राज्यों में सक्रिय था और अब तक कितने खातों से करोड़ों रुपये ठग चुका है.
सूत्रों के अनुसार, आयकर और आर्थिक अपराध इकाई से भी जानकारी साझा की गई है ताकि मामले की आगे जांच की जा सके.
बक्सर एसपी शुभम आर्य ने कहा कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय था, लेकिन लगातार निगरानी और सूचना तंत्र की मजबूती से पुलिस को सफलता मिली. एसपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ओटीपी को साझा न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें.