बिहार: प्रेमी को बचाने के लिए मां बनी हैवान, 10 साल की बेटी की हत्या… कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
अररिया। कहते हैं पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं। मगर अररिया जिले के नरपतगंज के रामघाट कोशिकापुर में एक मां ने इस कहावत को भी शर्मसार कर दिया। यहां की पूनम देवी ने अपने प्रेमी से अवैध संबंध छिपाने के लिए अपनी 10 वर्षीय बेटी शिवानी को मौत के घाट उतार दिया।
करीब तीन वर्ष पूर्व हुई इस दर्दनाक घटना में एडीजे चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने गुरुवार को सजा पर फैसला सुनाते हुए इसे रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामला माना। अदालत ने कहा कि आरोपी मां ने मातृत्व की गरिमा को कलंकित किया है। इस पर 35 वर्षीय पूनम देवी को फांसी की सजा सुनाई गई। साथ ही आदेश दिया कि हाईकोर्ट में इस फैसले की पुष्टि के बाद ही दंडादेश लागू होगा।
कड़ी सजा और जुर्माना
सत्रवाद संख्या-582/2023 के इस मामले में अदालत ने —
धारा 302 में मृत्युदंड
धारा 328 में 7 वर्ष सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना
धारा 201 में 5 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना
दबावनाए जाने पर 18 महीने का अतिरिक्त कारावास
— का आदेश दिया है।
बेटी ने प्रेम संबंध का भंडाफोड़ किया था
जांच में सामने आया कि पूनम देवी का स्थानीय युवक रूपेश सिंह से प्रेम संबंध था। पति चंदन सिंह पंजाब में मजदूरी करते थे।
21 जून 2023 को बेटी शिवानी ने मां को प्रेमी के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया और यह बात पिता को बताने की बात कही। इससे घबराकर पूनम ने उसे जान से मारने की ठान ली।
कीटनाशक खिलाकर हत्या, शव छुपाया
10 जुलाई 2023 को पूनम बाजार से मछली के साथ कीटनाशक लाई और खाना बनाकर बेटी को खिला दिया। बेहोश होने पर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को घर के पीछे जलावन घर में छिपा दिया और बेटी के लापता होने की कहानी फैलाती रही।
अदालत ने कहा — “मां शब्द को किया कलंकित”
फैसले के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एक मां ने अपनी हवस को पूरा करने के लिए न सिर्फ बेटी की निर्मम हत्या की, बल्कि उसके गायब होने की अफवाह भी फैलाई। यह अपराध मातृत्व के पवित्र रिश्ते पर गंभीर आघात है।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी एपीपी प्रभा कुमारी ने की। पुलिस ने नरपतगंज थाना कांड संख्या-380/23 में आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसके आधार पर अदालत में ट्रायल चला और अब फैसला आ गया।