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Monday, March 3, 2025

Bihar News: 1 अप्रैल से इन कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा राशन, जल्द करें ये काम नहीं तो सूची से कट जाएगा नाम |

 Bihar News: 1 अप्रैल से इन कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा राशन, जल्द करें ये काम नहीं तो सूची से कट जाएगा नाम |  


Bihar News: बिहार में 1.5 करोड़ से ज़्यादा राशन कार्ड धारकों का 1 अप्रैल से सूची से नाम काटने की प्रक्रिया शुरू हो सकता है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर इस समयसीमा तक आधार सीडिंग नहीं की गई तो राशन सूची से नाम हटा दिए जाएंगे।

31 मार्च 2025 तक ई-केवाईसी पूरा नहीं करने पर उन्हें जो राशन की सरकारी सुविधाएं मिल रही थी, वह नहीं मिलेंगी।। इस कदम से राज्य के 8 करोड़ 25 लाख से ज़्यादा उपभोक्ता प्रभावित होंगे। विभाग ने आधार सीडिंग और ई-केवाईसी की समयसीमा कई बार बढ़ाई है, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने इसका पालन नहीं किया है।

bihar ration card
राशन कार्ड धारकों के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी: 
इन उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया पूरी करने का आखिरी मौका है। अगर 31 मार्च तक ऐसा नहीं किया गया तो 1 अप्रैल से उनका नाम सूची से हटा दिया जाएगा और उन्हें उनके नाम से अनाज नहीं मिलेगा।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। शुरुआत में ई-केवाईसी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर पीओएस मशीनों के माध्यम से उपलब्ध था। हालांकि, कई लोगों को इसे पूरा करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इन समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने फेशियल ई-केवाईसी सुविधा शुरू की है। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अभी भी अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं किया है। विभाग ने जोर देकर कहा है कि 31 मार्च के बाद कोई और एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा।

ई-केवाईसी पूरा करने के विकल्प: लाभार्थी देश भर में किसी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान पर खुद ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा, अब फेशियल ई-केवाईसी भी उपलब्ध है। उपभोक्ता इस प्रक्रिया को सुविधाजनक तरीके से पूरा करने के लिए 'मेरा ईकेवाईसी' या 'आधारफेसआरडी' जैसे ऐप का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस पहल का उद्देश्य अनाज के वितरण को सुव्यवस्थित करना और यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही अनाज मिले। विभाग सभी प्रभावित उपभोक्ताओं से आग्रह करता है कि वे अपने हक को खोने से बचने के लिए तुरंत कार्रवाई करें। राज्य के प्रयास राशन वितरण जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बनाए रखने के लिए सरकारी नियमों के अनुपालन के महत्व को उजागर करते हैं।