पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित बिहार की लोक गायिका शारदा सिन्हा के आकस्मिक निधन से देश मे शौक की लहर है। सहरसा नगर निगम मे एक परिवार ने शारदा सिन्हा को सच्ची श्रद्धांजलि उनके प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया। जबकि दो सगी बहनों ने उनके लोक गीत को संगीत के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।
सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 32/20 मे स्थित संत कुमार के दो पुत्री पवित्रा मिश्रा और सुचित्रा मिश्रा ने छठ गीतों को गाकर उनके आदर्शो पर चलने की बात कही। बीए पार्ट वन की छात्रा 18 वर्षीय पवित्रा मिश्रा ने बताया कि वो और उनकी छोटी बहन 13 वर्षीय सुचित्रा मिश्रा बीते 6 साल से संगीत के क्षेत्र मे है।
वे बताती हैं कि कोशी की बेटी पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित शारदा सिन्हा के लोक गीत को सुनकर ही संगीत मे रूचि बढ़ाई और उनके मार्ग दर्शन को अपनाते हुए लोकगीत सीखने का काम किया। आकस्मिक निधन से वो और उनका पूरा परिवार मर्माहत हैं।
इस निधन के बाद उनका परिवार एकजुट होकर शारदा सिन्हा के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए दो मिनट मौन रहकर श्रद्धांजलि दी। इसके अलावे शारदा सिन्हा के छठ पर्व मे गाये गए लोक गीत को भाव विमुख होकर श्रद्धांजलि दिया।
इस दौरान दोनों सगी बहनो ने कहा कि जिस तरह कोशी के बेटी ने राज्य एवं देश और विदेश तक अपने लोकगीत से पहचान बनायीं। वो भी उनके मार्ग दर्शन को अपना कर राज्य देश का नाम बढ़ाने का काम करेंगी। इस मौके पर तबला वादक के रूप में अखिलेश कुमार, उनकी मां अनुज मिश्रा पिता संत कुमार मौजूद रहे।
