मधेपुरा की रहने वाली कॉन्स्टेबल वंदना कुमारी की मौत समस्तीपुर पुलिस लाइन में होने के बाद उसके भाई हत्या की आशंका जता रहे है। दरअसल गम्हरिया थाना क्षेत्र के तरावे निवासी एक महिला कॉन्स्टेबल वंदना कुमारी का शव गुरुवार की सुबह समस्तीपुर पुलिस लाइन के बाथरूम में फंदे से लटकता हुए मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया था। इसके बाद गुरुवार की रात में ही तरावे में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। वहीं मौत के बाद उसके दोनों भाइयों ने आत्महत्या से इनकार किया है। पिता, भाई और अन्य परिजनों का कहना है कि उसकी हत्या की गई है।
मौत से एक दिन पहले भाई से हुई थी बात
उसके मंझले भाई लाल कुमार ने कहा कि वंदना कुमारी पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उससे लगातार बात होती थी। एक दिन पहले बुधवार को दिन में बात हुई थी। उसने कहा था कि मां को साड़ी खरीद देना और छठ को लेकर बोली थी कि वह छुट्टी को लेकर आने की कोशिश करेगी। वह शुरू से ही पढ़ाई में काफी तेज थी।
उसने गांव के ही स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद आदर्श कॉलेज घैलाढ़ से उसने स्नातक किया। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए वह पटना भी गई थी। सितंबर 2022 में बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर उसका चयन हो गया। तब से वह काम कर रही थी। फिलहाल समस्तीपुर में तैनात थी। जहां तक बात है सुसाइड करने की तो उसकी हत्या की गई है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई बाहर आ सकती है। उसके दोषियों को सजा मिलना चाहिए।
समस्तीपुर में एससी-एसटी थाने में तैनात थी
उसके बड़े भाई फुलेंद्र ने कहा कि वे लोग नहीं चाहते थे कि वंदना बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल बने। यह उसकी जिद थी, पुलिस विभाग में ही नौकरी करने की तो करने दिया। कॉन्स्टेबल बनने के बाद भी वह दारोगा और बीपीएससी की तैयारी कर रही थी। दरभंगा में एक साल की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह समस्तीपुर में एससी-एसटी थाने में तैनात थी।
पुलिस लाइन में रहकर वह थाने में ड्यूटी करती थी। वह इतनी भी कमजोर नहीं थी कि सुसाइड कर ले। साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। शरीर पर कई जख्म के निशान भी थे। इसके अलावा पुलिस ने उसके शव को पहले ही पोस्टमॉर्टम कराने के लिए भेज दिया था। जबकि परिवार के लोगों के लिए इंतजार करना चाहिए था।
