विंध्याचल (यूपी) के बाबा गुरु अलख ने अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केन्द्र के संस्थापक डॉ अरविन्द वर्मा को किया सम्मानित, दिया आशीर्वचन
आध्यात्मिक ज्ञान हर व्यक्ति के लिए जरुरी - गुरु अलख (विंध्याचल)
ANA/S.K.Verma
खगड़िया। अघोर राजतंत्र के संस्थापक श्री श्री 108 बाबा दिनेश गुरु अलख (विंध्याचल,यूपी) ने अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक डॉ अरविंद वर्मा को समाहरणालय के सामने अवस्थित अष्टादश भुजेश्वरी मां दुर्गा मंदिर में स्थापित स्थाई प्रतिमा के समक्ष चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया एवं आशीर्वचन दिया। विंध्याचल के बाबा गुरु अलख ने मीडिया से कहा आज हिंदुस्तान में विदेशी सभ्यता बड़ी तेजी से फैल चुकी है। लोग अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। भाईचारा और आत्मीयता का बोध तो समाप्त ही हो रहा है। भाई-भाई एक दूसरे के खून के प्यासे भी हो रहे हैं। खासकर युवा वर्गों में भी मानसिक विकृतियां घर कर चुकी है। इस हालत में आध्यात्मिक ज्ञान हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गया है। अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक डॉ अरविंद वर्मा ने आध्यात्मिक विद्यालय के माध्यम से आम लोगों को, युवा वर्गों को तथा बच्चे बच्चियों को आध्यात्मिक ज्ञान देने का बीड़ा उठाया है जो अति प्रसंसनीय है। आगे गुरु अलख ने कहा आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रवेश करते ही आत्मा को शांति मिलने लगती है। मन विचलित नहीं होता है और परिवार, समाज, राज्य और देश के हित की बात उनकी अंतरात्मा सोचने लगती है। गुरु अलख ने बिहार वासियों से अपील किया वे अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक डॉ अरविंद वर्मा को तन मन और धन से सहयोग करें ताकि इनके द्वारा खगड़िया में आध्यात्म की बीज जो बोए गए हैं वह आने वाले दिनों में विश्व स्तर पर कीर्तिमान कायम कर सके। इसके लिए जरूरी है कि केंद्र के तमाम कार्यक्रमों एवं गतिविधियों से जुड़े रहें । सनद रहे, विंध्याचल के बाबा गुरु अलख विश्व शान्ति हेतु विगत दिनों अष्टादश भुजेश्वरी दुर्गा मंदिर में दुर्गा पूजा के अवसर पर नवरात्रि में पूजा, पाठ और हवन करने खगड़िया पधारे थे। बाबा गुरु अलख से सम्मानित होने के उपरांत अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केंद्र के संस्थापक डॉ अरविंद वर्मा ने मीडिया से कहा मैं गुरु अलख द्वारा प्रदत सम्मान की रक्षा करते हुए आध्यात्मिक को घर-घर पहुंचाने का भरसक प्रयास करूंगा। आशीर्वचन के लिए गुरु अलख का सदा ऋणी रहूंगा।
