सहरसा के प्रसिद्ध रक्तकाली चौसठ धाम मंदिर में बीते 5 सालों से रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण नहीं होने से स्थानीय लोग नाराज है। इसके साथ ही मंदिर के पास मौजूद दुकानदारों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन की उपेक्षा की और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों से ध्यान देने की मांग की। मालूम हो कि आगामी 3 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसमें अब कुछ ही दिन बचे है।
मंदिर में रंग रोगन नहीं होने से स्थानीय लोगों में मायूसी देखी जा रही है। स्थानीय अनिल कुमार प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे है। उनका कहना है कि बीते 5 सालों से इस मंदिर में ना तो रंग रोगन का काम हुआ है और ना ही कोई अधिकारी देखने आए है। जबकि मंदिर परिसर में बहुत काम होने की जरूरत है। मंदिर के पुजारी भगवान मिश्र ने कहा कि मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी है और सचिव सदर अनुमंडल पदाधिकारी है। दान से मंदिर में हर साल लाखों रुपयों का चढ़ावा आता है। इसका लेखा-जोखा जिला प्रशासन रखती है।
उन्होंने आगे कहा कि करीब 3 करोड़ रुपए मंदिर ट्रस्ट में जमा है। इसके बाद भी मंदिर में विकास कार्य रुका हुआ है। शुरुआती दौर में मंदिर में दूर दराज से लोग पूजा करने आते थे। इसके साथ ही मंदिर में कई मांगलिक कार्य होते थे। जब से मंदिर की स्थिति जर्जर हुई है। श्रद्धालुओं में कमी आ गई है। हालांकि मामले में मंदिर कमेटी के सचिव और सहरसा सदर एसडीओ प्रदीप कुमार झा ने कहा कि इंजीनियर को भेज कर रंग रोगन के लिए प्रारूप बनाने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही मंदिर के रंग रोगन का काम शुरू करवा दिया जायेगा।
