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Saturday, September 7, 2024

MADHEPURA/हरिहर साहा कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस


हरिहर साहा कॉलेज में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

उदाकिशुनगंज अनुमंडल के हरिहर साहा महाविद्यालय में सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितंबर पर एनएसएस इकाई के तत्तवाधान में शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम डॉ राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात समस्त शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कार्यक्रम के बाद शिक्षक छात्र संवाद का आयोजन भी किया गया।शिवानी और पुटुल कुमारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं में मोहम्मद आमिर हकीम ने शिक्षक की महत्ता एवं गरिमा पर भाषण प्रस्तुत किया।गुलशन कुमारी, सरिता कुमारी व ज्योती कुमारी ने गुरु वंदना में प्रस्तुत की।निक्की कुमारी ने अंग्रेजी भाषा में भाषण दिया। प्रो अरुण कुमार ने सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो सरवर मेहंदी ने छात्रों को जीवन में अनुशासन अपने का आवाहन किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का यह उद्धरण भी प्रस्तुत किया कि भारत में गुरु और शिष्य का संबंध विशेष है, भारत में यह गोद लेने जैसा है। प्रो नागेश्वर दास ने भी डॉक्टर राधाकृष्णन के जीवन को बिंदुवार प्रस्तुत किया। प्रोफेसर दीपेश कुमार ने भी छात्रों से जीवन में कैरियर पर विशेष ध्यान देनेकी अपील की तथा सोशल मीडिया की भ्रामक जानकारी से दूर रहने को कहा। कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रोफेसर प्रज्ञा प्रसाद ने छात्रों से विशेष संवाद स्थापित किया तथा उन्हें महाविद्यालय प्रांगण में निर्भीकता से रहने एवं आपस में तालमेल बनाने को कहा। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे लोकतांत्रिक ढंग से अपनी कोई भी बात कहने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि किसी प्रकार की भी शिकायत हो तो लिखित रूप में उनके पास आवेदन करें, उनका कार्य अवश्य संपन्न होगा। इस अवसर पर महाविद्यालय में दर्शनशास्त्र के अतिथि शिक्षक रहे डॉक्टर धीरेंद्र कुमार को विदाई दी गई। वह स्थाई शिक्षक के रूप में स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग भुपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा में योगदान करेंगे। उनके स्थान पर निर्मली, सुपौल से आए हुए डॉ पंकज कुमार ने दर्शनशास्त्र के स्थाई शिक्षक के रूप में पदभार ग्रहण किया। कार्यक्रम का संचालक डॉ अमित कुमार मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के संयोजक अरुण कुमार एवं सहसंयोजक प्रोफेसर सरवर मेहंदी थे।कार्यक्रम को सफल बनाने में ललन, ब्रजेश, चंदन,आदिल, आबिद आदि का योगदान रहा।