मधेपुरा में 6 साल पहले एक नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी प्रदीप यादव पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया है। पॉस्को कोर्ट के जज अभिषेक कुणाल की अदालत ने मामले में दोषी पाते हुए सोमवार को यह सजा सुनाई।
अदालत ने अपने आदेश में पीड़िता को डालसा की ओर से 6 लाख मुआवजा देने की भी बात कही है। पॉक्सो कोर्ट के स्पेशल पीपी विजय कुमार मेहता ने बताया कि इस मामले में पीड़िता की मां ने मुरलीगंज थाना में प्रदीप यादव के खिलाफ आवेदन दिया था। आवेदन में पीड़िता ने कहा कि 19 अक्टूबर 2018 की रात करीब 7.30 बजे गांव के ही दुर्गा पूजा मेला में वह पूजा करने गई थी। इस दौरान मेरी नाबालिग पुत्री अपने घर में अकेली थी।
जब मैं मेला से पूजा कर अपने घर वापस आई तो मेरी नाबालिग बेटी आंगन में रो रही थी। रोने का कारण पूछने पर बेटी ने बताया कि प्रदीप यादव उसको अपने यहां बहाना बनाकर ले गया और अपने घर में ले जाकर घर का पर्दा गिरा कर किवाड़ बंद करके मेरी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया। इस दुष्कर्म की घटना की जानकारी लोगों को भी दी गई।
जब ग्रामीण प्रदीप को खोजने गया तो वह भाग गया। इसकी शिकायत मुरलीगंज थाना में की गई। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने तथा अंतिम सुनवाई के बाद प्रदीप यादव को मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद व 5 लाख अर्थदंड की सजा सुनाई है।
