विदेश में बैठे बिहार के कुछ लोगों की भी परेशानी अचानक बढ़ी है जब उन्हें मालूम हुआ कि उनकी जमीन को गलत तरीके से किसी ने बेच दिया है. जब इसकी जानकारी उन्हें हुई तो थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी. भागलपुर और मुजफ्फरपुर के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं.
फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचे जाने पर थाना में दर्ज करायी प्राथमिकी
कोलकाता की रहनेवाली अनिता नारायण ने भागलपुर के औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत अपने पिता की जमीन फर्जी तरीके से बेचे जाने की शिकायत करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. महिला ने पुलिस को बताया कि कोलकाता के अलीपुर रोड स्थित उनका आवास है. मेरे पिता कन्हैया प्रसाद टिबड़ेवाल ने एक जमीन रानी तालाब में वर्ष 1971 में 6.52 एकड़ खरीदा था. उस जमीन पर वर्ष 1985 तक एमएस वायर इंडस्ट्रीज चला. फिर बंद हाे गया. बंद होने के बाद उसके देखभाल के लिए एक केयरटेकर को वहां रखा था. जमीन पर दखल व कब्जा भी हमलोगों का ही था. अपडेट रसीद भी है. पिता का निधन वर्ष 1996 में हो गया था. मां का 2022 में निधन हुआ था. उस जमीन का रसीद अब भी उनलोगों के नाम से ही कट रहा है.
अमेरिका में थी महिला, घर पर पहुंचा नोटिस
महिला ने आवेदन में कहा कि कुछ दिन पहले डीसीएलआर काेर्ट के उनके घर के पता पर 25 जून 2024 को नाेटिस आया था. उस समय अमेरिका में थी. इसके बाद 10 सितंबर काे यहां आये, ताे डीसीएलआर कार्यालय मिलने के लिए पहुंचे थे. कार्यालय से बताया गया कि उनकी जमीन उमेश कुमार सिंह झिकटिया लक्ष्मीपुर, मखदुमपुर कटिहार के व्यक्ति ने 17 फरवरी 1975 काे ही केवाला करवाया है. जबकि पिता ने कभी किसी को केवाला किया नहीं किया था. उन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन काे हड़पने की साजिश बताया है.
लंदन के NRI की जमीन फर्जी तरीके से बेची, केस दर्ज
लंदन में रहने वाले एनआरआइ डीवी पाठक की जमीन भी फर्जी तरीके से बेच दी गयी है. इसे लेकर बिहार में उनके केयर टेकर मोतीपुर थाना क्षेत्र के फुलाढ़ निवासी अजीत कुमार ने मुजफ्फरपुर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें एनआरआइ की दो करीबी रिश्तेदार समेत 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है. एएसआइ राजकिशोर सिंह को केस की जांच की जिम्मेवारी सौंपी गयी है.
रिश्तेदारों पर ही लगा फर्जीवाड़े का आरोप
थाने में दर्ज प्राथमिकी में केयर टेकर ने बताया है कि उनके मालिक जो मूल रूप से मुसहरी थाना क्षेत्र के मणिका विशुनपुर चांद गांव के रहने वाले हैं, वे लंदन में रहते हैं. एनआरआइ होने के कारण 2020-21 में उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये से अपना घर बनवाया है. उनकी दो करीबी रिश्तेदार ने साजिश के तहत उनके मालिक के हिस्से की जमीन को फर्जी तरीके से आठ जुलाई 2024 को बेच दिया. यह रजिस्ट्री जुलाई व अगस्त माह में पांच बार में की गयी है. जमीन बेचने में कुल नौ लोग शामिल हैं. वहीं, खरीदने में चार लोग हैं. पुलिस दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच में जुट गयी है.
