खबर के अनुसार कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को राज्य के कई जिलों से ऐसी शिकायत मिली थी कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन खाने वाले बच्चे की संख्या काफी कम रहती हैं। लेकिन स्कूल के हेडमास्टर इनकी संख्या को बढ़ाकर रिपोर्ट तैयार करते हैं।
बता दें की निदेशालय ने संबंधित जिलों के पदाधिकारियों को भेजकर स्कूलों में औचक जांच कराया जिसमे ये सच पाया गया। इसके बाद विभाग ने गड़बड़ी करने वाले इन हेडमास्टरों से पैसों की वसूली करने के आदेश दिए हैं। जिससे हड़कंप मच गया हैं।
दरअसल कमांड एंड कंट्रेल सेंटर में मिड डे को लेकर कुल 997 शिकायतें आई हैं। जिसमे 27 प्रधानाध्यापकों पर अनुशासिनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। जबकि 42 हेडमास्टर से 16 लाख की वसूली करने के आदेश दिए गए हैं। इन 42 प्रधानाध्यापकों पर यह कार्रवाई 13 जून से 31 जुलाई के बीच के मामलों पर हुई है।
