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Saturday, April 6, 2024

Saharsa News:भागवत कथा में दक्ष प्रजापति और शिव-पार्वती विवाह का हुआ वर्णन


भागवत कथा में दक्ष प्रजापति और शिव-पार्वती विवाह का हुआ वर्णन

श्री नारायण सेवा संस्थान के द्वारा श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के आज चौथे दिन शुक्रवार को कथावाचक दिलीप कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने दक्ष प्रजापति एवं शिव और पार्वती विवाह का प्रसंग के साथ साथ ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। बताया कि सुरुचि ने कहा बेटा ध्रुव तू अगर पिता के गोद में बैठना चाहता है, तो जाकर भगवान की आराधना करों और जब वो प्रसन्न हो जाएं तो उनसे वरदान मांगना । ध्रुव जी खेते बिलखते अपनी मां के पास आए सुनीति ने समझाते हुए कहा बेटा तेरी मां सुरुचि ने ठीक ही कहा है। यदि तू पिता की गोद में बैठना चाहता है तो भगवान के चरण कमलों की
उपाख्यान, है बाद में कथावाचक ने ध्रुव जी के वंशजों का वर्णन किया। पुरंजन हिरण्यकशिपु ने कहीं तेरा भगवान। प्रल्हाद जी ने कहा- कहां नहीं है मेरा भगवान प्रह्लाद जी ने कहा पिताजी मुझे तो दिख रहे हैं। हिरण्यकशिपु ने जोर से गदा का प्रहार किया खंभा टूट गया और साक्षात भगवान नरसिंह के रूप में प्रकट हो गए। कहा कि भगवान हिरण्यकशिपु के साथ वुद्ध किया करने लगे एक एक करके भगवान ने उसके सभी वरदान पूर्ण किए और जैसे गरुड़ सर्पचीर देता है, उसी प्रकार भगवान ने हिरण्यकश्यप को चीर दिया। और उसको आंतों को माला बनाकर भगवान ने पहन लिया सभी प्रभु की स्तुति कर उनका क्रोध शांत किया गया। कथावाचक' ने कई प्रसंगों का वर्णन किया। आचार्य डा. नवनीत ने मंच

संचालन करते हुए कहा जहां पर भगवान का भक्ति हो वहां पर कभी भी किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होती। सनातन धर्म की संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए भगवान की कथा की गाथा परम ही आवश्यक है। आयोजन समिति के सदस्य सागर कुमार नन्हें ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा सुनने हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा में वृंदावन से आए कलाकारों के द्वारा प्रसंग केअनुसार झांकी प्रस्तुत किया गया. जिसमें श्रद्धालु झूमते हैं। मुख्य यजमान प्रवीण कुमार सिंह सपरिवार एवं इंस्ट एवं वेस्ट टीचर ट्रेनिंग कालेज एवं रामचंद्र विद्यापीठ पैरामेडिकल कालेज के निदेशक डा. रजनीश रंजन, पूर्व प्राचार्य डा. के एस ओझा, ज्योति सिंह, सोनू तोमर, अरुण कुमार सिंह आदि कथा के अंत में सामूहिक आरती किया गया। ज्ञान यज्ञ को सफल बनाने में मुख्य रूप से मुकेश कुमार सिंह, प्रशांत सिंह राजू, समीर कुमार मिटू, अमरज्योति जायसवाल, अनंत झा रोशन, कन्हैया सिंह, विनीत सिंह, आशुतोष आनंद,अंकित आनंद, प्रिंस सिंह, बुल्लू झा, अंशु सिंह, गुलशन सिन्हा, मोनू महाकाल, रवि सिंह, विनय मिश्रा, गोलू सिंह आदि लगे हुए हैं।