सुपौल में ग्राम पंचायतों के अधिकार में कटौती के खिलाफ अपने विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार 16 से 31 अगस्त तक पंचायत के सभी कार्यों का बहिष्कार मुखिया महासंघ के आवाहन पर कर दिया गया है। इस दौरान ग्राम पंचायत के सभी प्रकार के सरकारी कार्यों और बैठकों का बहिष्कार किया गया।
आगामी 29 अगस्त को जिला मुख्यालय पर धरना के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
दरअसल, सुपौल के बसंतपुर प्रखंड के भगवानपुर पंचायत भवन में मुखिया संघ बसंतपुर समेत जिले के तमाम मुखिया और उनके प्रतिनिधियों ने बैठक की। इसमें जानकारी देते हुए बसंतपुर मुखिया संघ के अध्यक्ष मौसम खेड़वार ने बताया कि 16 अगस्त से 31 अगस्त तक सभी जिले के पंचायत के मुखिया राज्यव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
उन्होंने बताया कि हम लोग विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल करने के लिए विवश हैं। हम लोगों की 19 सूत्री मांग है। ग्राम पंचायत को 73वां संविधान संशोधन के तहत ब्रदर 29 अधिकारों को पूर्णरूपेण ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। ग्राम सभा की रक्षा के लिए पारित निर्णय का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। ग्राम सभा से चयनित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
सरकार ग्राम सभा में आवश्यक हस्तक्षेप बंद किया जाए। मुख्यमंत्री सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में ब्रेडा असफल हो चुकी है, इसे पुणे ग्राम पंचायत को सौंपा जाए। पंचायत सरकार भवन के निर्माण में पूर्व में ही एलएईओ असफल साबित हुई है। इससे एलएईओ से हटाकर ग्राम पंचायतों को क्रियान्वयन का जिम्मा दिया जाए।
मुख्यमंत्री नल जल योजना का कार्य पूरी तरह बाधित है। इसे पीएचइडी से हटकर फिर से वार्ड सदस्यों को क्रियान्वयन और प्रबंध समिति को दिया जाए। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का वेतनभत्ता में बढ़ोतरी की जाए।
मुखिया को 10 हजार रुपए, उप मुखिया को 7000 रुपए और वार्ड सदस्य को 5000 रुपए वेतन प्रतिमाह दी जाए। ग्राम पंचायत के मुखिया को उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यकता अनुसार उनके मांग पर आर्म्स का लाइसेंस दी जाए। पंचायत में बंद पड़े कबीर अंत्योष्टि योजना को चालू किया जाए।