कौन कहता है आसमां में सूराख नहीं है सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों.इसको चरितार्थ किया है खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड के रहने वाले एक मछली पालक दंपत्ती ने. दो साल पहले तक अर्जुन मुखिया और जीरा देवी घर घर जाकर मछली बेच कर बमुश्कील अपने परिवार का भरण पोषण करते थे .
ऐसे में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत देश में मछली को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य सम्पदा योजना की शुरुआत की गयी .यह पुरे देश में लागू किया गया है इस योजना को ब्लू रेवोलुशन भी कहा गया है इस योजना के अंतर्गत मत्स्य पालक , मछली बेचने वाला , स्वयं सहायता समूह , मत्स्य उधमी और फिश फार्मर के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलायी गयी योजना .इसका लाभ अर्जुन मुखिया और जीरा देवी ने उठाया .पति और पत्नी को प्रधानमंत्री मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत सूक्ष्म बायो फ्लोक टैंक का अधिष्ठपन को लेकर सरकार से 4 लाख 50 हजार अनुदान मिला और कुछ राशि खुद का लगाकर दोनों ने अपने घर पर ही मछली पालन का काम शुरू कर दिया.
आज की तारीख में अर्जुन मुखिया मछली पालन के जरिए न केवल अपने परिवार का बेहतर तरीके से भरन पोषण कर रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सबल भी हो रहे हैं. वे खगड़िया में मछली पालकों के लिए रोल मॉडल बन गए है. उसके लिए उन्हें पीएमओ से बुलावा भी आया है.
खगड़िया जिले अलौली प्रखंड के कामाथान के रहने वाले एक मछली पालक दम्पत्ति को प्रधानमंत्री कार्यालय से आमंत्रण आया है. जिसमें अर्जुन मुखिया और उनकी पत्नी जीरा देवी को दिल्ली में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में आने को कहा गया है. इसको लेकर प्रधानमंत्री दफ्तर के द्वारा दोनों के नाम फ्लाइट का टिकट भी भेजा गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय से मिले आमंत्रण से पति और पत्नी के खुशी का ठिकाना नहीं है. जीरा देवी ने अपनी खुशियों का इजहार करते हुए कहा कि आजतक वह न तो दिल्ली गई है और न ही फ्लाइट की सवारी की है. किसी दिन मुझे और मेरे पति का प्रधानमंत्री कार्यालय से बुलावा आयेगा, यह कभी सपना में भी नहीं देखे थे. इसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाददिया है. अर्जुन मुखिया और जीरा देवी ने दो साल पहले तक घर घर मछली बेचने का काम करते थे ने मत्स्य सम्पदा योजना का लभ उठा कर अपने मेहनत के बल पर मुकाम हासिल किया है जिसके हौसलाअफजाई के लिए दोनों को पीएम मोदी ने मिलने के लिए बुलाया है.