Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR:अब बिहार की जेल में ही रहेगा यूट्यूबर मनीष कश्यप:कोर्ट ने कहा-बेतिया में कई केस,यहीं रखना सही;पेशी के लिए पटना ले गई पुलिस - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Monday, August 7, 2023

BIHAR:अब बिहार की जेल में ही रहेगा यूट्यूबर मनीष कश्यप:कोर्ट ने कहा-बेतिया में कई केस,यहीं रखना सही;पेशी के लिए पटना ले गई पुलिस

अब बिहार की जेल में ही रहेगा यूट्यूबर मनीष कश्यप: कोर्ट ने कहा-बेतिया में कई केस,यहीं रखना सही;पेशी के लिए पटना ले गई पुलिस
कोशी लाइव/बिहार
यूट्यूबर मनीष कश्यप अब बिहार की जेल में ही रहेगा। बेतिया कोर्ट में आज तमिलनाडु पुलिस ने उसे पेश किया। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस पर बेतिया में आधा दर्जन से ज्यादा मामले चल रहे हैं। इसलिए मनीष को बेतिया जेल में ही रखा जाएगा और यहीं से तमिलनाडु मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होगी।

डिस्ट्रिक्ट प्रोसिक्यूशन ऑफिसर उमेश कुमार विश्वास ने कोर्ट में एक पिटीशन देकर अनुरोध किया कि यूट्यूबर पर पटना में भी मामले दर्ज हैं। जिसमें पेशी का आदेश है। इसलिए इसे पटना जाने दिया जाए। जिसके बाद कोर्ट ने पटना जाने का आदेश जारी किया। पेशी के बाद पुलिस मनीष को लेकर पटना जा रही है।

बता दें कि बेतिया व्यवहार न्यायालय में सोमवार को यूट्यूबर मनीष कश्यप को बीजेपी विधायक से रंगदारी मांगने और बैंक मैनेजर से अभद्रता के मामले में अलग-अलग कोर्ट में पेश किया गया।

तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो शेयर करने के मामले में मनीष तमिलनाडु के मदुरई जेल से चार महीने से बंद था। बेतिया कोर्ट के आदेश के बाद तमिलनाडु पुलिस आज सप्त क्रांति ट्रेन से लेकर आई थी। मनीष की सुरक्षा में 60 से 70 पुलिसकर्मी तैनात किए गए।

 
मनीष कश्यप को बेतिया कोर्ट से पटना ले जाती पुलिस टीम।
स्टेशन से मनीष को बेतिया एसपी ऑफिस कड़ी सुरक्षा के बीच लाया गया। फिर यहां से उसे कोर्ट ले जाकर पेश किया गया। कोर्ट के बाहर और परिसर में मनीष के समर्थक काफी संख्या में जुट गए। उन्होंने नारेबाजी की। एक समर्थक पुलिस गाड़ी के आगे लेट गया। कोर्ट के बाहर हंगामे की स्थिति है। पुलिस समर्थकों को वहां से हटा रही है।

मां और भाई कोर्ट में मिले

एसपी कार्यालय के पास मनीष की मां अपने बेटे से मिलने की आस लगाए बैठी रहीं, उन्हें मिलने नहीं दिया गया। इस पर वह गेट पर बैठकर रोती रहीं। हालांकि बाद में कोर्ट में मनीष कश्यप से मां और भाई मिले।

 
कोर्ट में मनीष से मां और भाई मिले।
दो केस में मनीष की पेशी

बीजेपी विधायक उमाकांत सिंह के साथ मारपीट करने और रंगदारी मांगने के मामले और मझौलिया के पारस पकड़ी स्थित भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के साथ दुर्व्यवहार करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में बेतिया कोर्ट में पेशी हुई। इस दोनों मामले में न्यायालय की ओर से मनीष को पेशी कराने के लिए चेन्नई पुलिस और मदुरई सेंट्रल कारा को निर्देशित किया गया था।

पुलिस गाड़ी के सामने लेटे समर्थक को हटाती पुलिस।
एसपी ऑफिस के बाहर जुटे समर्थक

मनीष के बेतिया स्टेशन पर पहुंचने से भारी संख्या में समर्थक मौजूद थे। जिन्होंने मनीष का माला पहनाकर स्वागत किया। फिलहाल मनीष को बेतिया एसपी ऑफिस में रखा गया है। आस पास किसी को जाने नहीं दिया जा रहा। गेट के बाहर ताला लगा हुआ। वहीं, दूसरी तरह कार्यालय के बाहर समर्थकों की भीड़ भी लगी है। जिस कारण पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी वहां मौजूद है।

बेतिया रेलवे स्टेशन पर मनीष कश्यप।
18 मार्च को बेतिया में किया था सरेंडर

मालूम हो कि तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर यूट्यूबर मनीष कश्यप की मुश्किलें बढ़ी थी। इस मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की थी। जब इस केस में छापेमारी शुरू हुई तो कई दिनों तक गिरफ्तारी के डर से मनीष कश्यप बिहार छोड़कर फरार हो गया था। उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी हुई थी।

बेतिया पुलिस ने 18 मार्च को दूसरे केस में मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर किया। उसी दिन पटना से गई EOU की टीम ने उसे अपने केस में कब्जे में लिया था।रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की और उसे जेल भेज दिया था।

30 मार्च को ले गई थी तमिलनाडु पुलिस

मनीष कश्यप के सरेंडर करने के तुरंत बाद तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची थी। 30 मार्च को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई थी। तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को मदुरई कोर्ट में पेश किया था। तब से मनीष कश्यप वहां की जेल में बंद है। वहां जाने के बाद ही उसके ऊपर NSA लगाया गया।

रेलवे स्टेशन से मनीष को एसपी कार्यालय ले जाया गया है।
3 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी याचिका

तमिलनाडु की जेल में बंद यूट्यूबर मनीष कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट से सभी केस को एक जगह क्लब करने की मांग की थी। CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कश्यप की बेल और NSA याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट जा सकते हैं। वहीं, सभी केस को एक जगह क्लब करने की याचिका को खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि मनीष कश्‍यप आदतन अपराधी है। मनीष कश्यप के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि अगर इस लड़के को इस अपराध के लिए सलाखों के पीछे होना है तो सभी पत्रकारों को जेल जाना चाहिए। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि पत्रकार नहीं, वह चुनाव लड़ा है।