आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के लिए छाता उठाने वाले एसडीपीओ ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हथियार मेरे पास था, तेज बारिश हो रही थी और मैं पहले से ही छाता लिये हुए था। निगेटिव खबर मीडिया में चला दी गई।
लालू यादव पर छाता लगाने वाले SDPO की सफाई- तेज बारिश से अपना हथियार बचा रहा था
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के लिए छाता उठाने वाले एसडीपीओ ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि हथियार मेरे पास था, तेज बारिश हो रही थी और मैं पहले से ही छाता लिये हुए था। आगे-आगे कई लोग चल रहे थे और वो (लालू प्रसाद) एक वृद्ध व्यक्ति हैं, मानवता के आधार पर व अन्य लोगों की सुरक्षा को भी देखना था, इसलिए हम साथ-साथ चल रहे थे। एसडीपीओ ने कहा कि उसी को निगेटिव खबर बनाकर मीडिया में चला दी गई।
इस बीच बीजेपी सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि फुलवरिया में लालू प्रसाद के मंदिर जाने के समय उन पर छाता लगाने वाले एसडीपीओ को लोकसेवक आचार संहिता का उल्लंघन करने के कारण निलम्बित किया जाना चाहिए। सरकार बताए कि उक्त अधिकारी ने किसके आदेश पर अपने अनुमंडल से बाहर जाकर लालू प्रसाद की ऐसी सेवा की? उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद जब मुख्यमंत्री थे, तब आईएएस अफसर से अपना पीकदान उठवाते थे। लालू प्रसाद किसी संवैधानिक पद पर नहीं, बल्कि चारा घोटाला में सजायाफ्ता और जमानत पर हैं, फिर भी उनकी निजी यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन राजद प्रमुख की सेवा में नतमस्तक रहा। छाता लगाने वाला एसडीपीओ उनका करीबी रिश्तेदार बताया जाता है।
वहीं आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद के थावे मंदिर में दर्शन के समय पुलिस द्वारा दी गई सुरक्षा पर भाजपा द्वारा घटिया और निम्न स्तरीय राजनीति करने और बेवजह बात को बतंगड़ बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद बिहार के सबसे बड़े दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। साथ ही, वे बिहार के मुख्यमंत्री व केंद्र सरकार में रेल मंत्री रह चुके हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा नेताओं की मानवीय संवेदनाएं क्या समाप्त हो गयी है। बारिश के दौरान सुरक्षा कर्मी छाता लिए हुए था तो कौन सा गुनाह कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को लालू प्रसाद से सपने में भी डर लगने लगा है।