कोसी नदी एक बार फिर उफान पर है। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और सुपौल में बीते 72 घंटे से बारिश की वजह से कोसी नदी का डिस्चार्ज बढ़ गया है। कोसी बराज से जहां 1 लाख 76 हजार से अधिक क्युसेक डिस्चार्ज है तो नेपाल के बराह क्षेत्र से भी एक लाख से अधिक क्यूसेक डिस्चार्ज मापा गया है।
कोसी नदी में बढ़ते जलस्तर से सुपौल कोसी तटबंध के भीतरी इलाकों में कोसी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। इससे कोसी तटबंध के अंदर बसे दुबियाही, मौजहा, बौराहा, नौआबाखर पंचायत के लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहां की सड़कें बाढ़ के पानी में डूब गई है। इसकी वजह से लोगों को आवागमन की गंभीर समस्या हो रही है।
इसके अलावा सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। किसनपुर प्रखंड के मौजहा दुबियाही मुख्य सड़क कई जगह टूटकर नदी में विलीन हो गई है।आम लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या स्वस्थ्य, शुद्ध पेयजल और आवाजाही की हो गई है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकारी नाव भी बहाल नहीं किए गए हैं। वहीं अब तक प्रशासन के आलाधिकारियों ने इलाके में जाकर झांकना तक मुनासिब नहीं समझा है।
दिघिया गांव की अर्चना देवी बताती हैं कि एक तो बाढ़ के पानी की वजह से घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। मेरी 8 साल की बेटी दो दिन से बीमार थी तो किसी तरह बाढ़ के पानी में निकाल कर अस्पताल में दिखाकर वापस लौट रही हूं। उसने बताया कि अब तक न तो किसी अधिकारियों ने हम लोगों की पीड़ा को समझने का प्रयास किया है। किसी तरह जरूरत के मुताबिक बाहर निकाल कर बाढ़ के पानी में रहने को विवशता बताया है।
जगदीश यादव, राजेश भगत समेत अन्य लोगों ने बताया कि घर में बाढ़ का पानी तो नहीं घुस सका है लेकिन दरवाजे से लेकर मुख्य सड़क तक बाढ़ का पानी जरूर फैल चुका है। हालांकि इस मामले पर सुपौल सदर एसडीएम मनीष कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव जारी है। फिलहाल बाढ़ की स्थिति पर नजर है।